आजमगढ़। शारदा बैराज से निकली नहरों का जिले में जाल फैला है। इन नहरों पर बने पुल जर्जर होने से अक्सर हादसे होने की आशंका बनी रहती है। इस समस्या को देखते हुए शारदा सहायक खंड-23 ने 256 पुल के मरम्मत व चार नए पुल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने नए पुल बनाने और जर्जर पुलों की मरम्मतीकरण के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। जर्जर पुलिया के मरम्मत व नए पुल बन जाने से स्थानीय लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। वहीं, किसानों के अपने वाहन ले जाने में हो रही परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
किसानों को फसलों की सिंचाई करने में कोई परेशानी न हो इसके लिए शारदा सहायक खंड-23 व 32 की नहरों का जाल फैला हुआ है। वहीं लोगों को आवागमन में परेशानी न हो इसके लिए जगह-जगह पुलिया बनाए गए हैं। जिससे लोगों का आवागमन होता है। कई वर्षों से इन पुलों का मरम्मतीकरण नहीं हो सका है। ऐसे में पुलिया पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं। आएदिन इन पुलों पर हादसे होते थे। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शारदा सहायक खंड-23 ने 256 पुलियों की मरम्मत के लिए डेढ़ करोड़ व चार नए पुल के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। शासन ने इसकी स्वीकृति दे दी है। बजट मिलते ही पुलियों का निर्माण शुरू हो जाएगा। जिससे लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
लालगंज में तीन व टीकरगढ़ में बनेगा एक पुल
शारदा सहायक खंड-23 के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि लालगंज के सतैनी, घुड़सहना व नोनीपुर में तीन पुल बनाया जाएगा। वहीं टीकरगढ़ के माधवपुरधरांग में एक पुल बनाया जाएगा। जिससे लोगों को आवाजाही में राहत मिलेगी। गांव के लोग काफी पहले से मांग कर रहे थे। इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जिले में 256 पुलियों के मरम्मत के लिए डेढ़ करोड़ व तीन नए पुलों की निर्माण के लिए एक करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। बजट का इंतजार हो रहा है। बजट मिलते ही जर्जर पड़ी पुलियों की मरम्मतीकरण व नए पुलों के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। जिससे राहगीरों को काफी सहूलियत मिलेगी।
वीरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता शारदा सहायक खंड-23, आजमगढ़।