सगड़ी के खतीबपुर गांव में यूक्रेन से लौटी एमबीबीएस छात्रा अपने परिवार के साथ।
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यूक्रेन में हो रही रूस की बमबारी के बीच फंसी आजमगढ़ के सगड़ी तहसील के खतीबपुर गांव की एमबीबीएस की छात्रा रेनू यादव के घर पहुंचते ही परिवार में खुशी व्याप्त है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने भी पहुंचकर रेनू को बधाई दी। नायब तहसीलदार सगड़ी मयंक मिश्रा घर पहुंचकर रेनू का हालचाल जाना।
पूर्व प्रधान राजेश यादव और भाई सत्यशील यादव ने रेनू को मिठाई खिलाकर खुशियां बांटी। रेनू ने बताया कि 28 फरवरी को निजी बस से 125 डालर किराया देकर हम लोग रोमानिया बॉर्डर के लिए निकले। लेकिन 25 किलोमीटर पहले ही बस ने हम लोगों को छोड़ दिया। जिसके चलते 25 किलोमीटर पैदल चलकर हम लोग रोमानिया बॉर्डर पहुंचे। रोमानिया के बुद्धा एयरवेज से मैं एक मार्च को दिल्ली पहुंच गई, जहां उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से निशुल्क खाने पीने और रहने की व्यवस्था की गई थी। प्रदेश सरकार ने हम लोगों को बनारस तक का फ्री हवाई जहाज का टिकट दिया। मंगलवार को रात में नौ बजे करीब बनारस पहुंच गई। बनारस से देर रात मैं स्वजनों के साथ अपने घर आ गई। रेनू यादव ने कहा कि युद्ध के चलते यूक्रेन में हालात खराब है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि जितने भी मेरे देश के छात्र वहां फंसे हैं, वह सब कुशल भारत लौट आएं। रेनू के भारत सरकार के प्रयास की सराहना की। उसके घर पहुंचने पर भाई डा. सत्यशील यादव, बाबा रामस्वरूप यादव, नरेंद्र यादव, मां मीरा यादव, सुरेंद्र यादव, चाची गीता यादव, बहन समीक्षा यादव ने खुशी व्यक्त किया।