भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि सपा सरकार धर्म के आधार पर व्यक्ति की कीमत लगाती है। इस सरकार में केवल बहुसंख्यक समाज पर एफआईआर दर्ज होते हैं। बसपा भी कुछ इसी तरह से है। खुद को दलितों की हितैषी कहलाने वाली मायावती या उनका कोई सदस्य यूपी में हुई बड़ी से बड़ी घटनाओं पर मौके पर नहीं पहुंचा। आजमगढ़ का किसान कराह रहा है। मुलायम का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद सपा ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया।
प्रदेश अध्यक्ष बुधवार को प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या और आजमगढ़ को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरने को संबोधित कर रहे थे। वाजपेयी ने कहा कि जिले के महराजगंज में अधिवक्ता की हत्या के बाद अराजकतत्वों ने थाना फूंका दिया। बाद में पुलिस बेगुनाहों पर कहर बरपाने लगी।
अंधेरी रात में महिला पुलिस के बिना छापा डालकर महिलाओं के साथ अभद्रता की गई। इससे पूर्व यहां की पुलिस बच्चों के विवाद में भाजपा सांसद के आवास पर कहर बरपाती रही। वाराणसी में मूर्ति विसर्जन की घटना के बाद निकाली गई प्रतिकार यात्रा में साधु संतों पर लाठियां चलाई गई।
अलीगढ़ में लड़की के साथ छेड़खानी का विरोध करने पर गौरव नामक खटिक की हत्या कर दी जाती है। सपा सरकार प्रतापगढ़ में सीओ जियाउल हक के मारे जाने पर मुआवजे में 50 लाख और नौकरी, दादरी में एकलाख की हत्या के बाद 45 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी देने की बात कहती है।
वहीं, गौरव की मौत के बाद सरकार साढ़े चार लाख रुपये मुआवजा देती है। सवाल क्या धर्म के आधार पर व्यक्ति की कीमत होगी। कहा कि आज प्रदेश की पुलिस संवेदनहीन हो चुकी है। जिसका परिणाम है कि 622 बार प्रदेश में पुलिस पर हमला हुआ है। थाने में 49 महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ। ऐसे में जब खाकी दागदार होगी तो आम जनता को न्याय कहां से मिलेेगा। कहा कि अगर महराजगंज की घटना में असली अपराधी नहीं पकड़े गए और निर्दोषों को नहीं छोड़ा गया तो भाजपा संघर्ष करेगी।
बसपा सरकार में नोएडा प्राधिकरण का मुख्य अभियंता यादव सिंह को बनाकर धन लू्टा गया है। बाद में सपा सरकार में भी लूट मची रही। लोकसेवा आयोग के चेयरमैन अनिल यादव का प्रकरण किसी से छिपा नहीं है। अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष सहजानंद राय और संचालन ऋषिकांत राय ने की।
धरने को सांसद हरिनरायन राजभर, सांसद नीलम सोनकर, पूर्व सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, सच्चिदानंद सिंह, दुर्गविजय यादव, अमित तिवारी, सुनील गुप्ता, क्षेत्रीय अध्यक्ष गोरखपुर उपेंद्र शुक्ला ने संबोधित किया। धरने में मऊ जिलाध्यक्ष विजय नरायन शर्मा, पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर, अगंद यादव, रामपाल सिंह, रमांकांत मिश्रा मौजूद थे।