अश्विनी कुमार चौबे (फाइल फोटो)
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बीएचयू में लिखाया बंद फोन का नंबर
आजमगढ़। मेडिकल कालेज से मरीज को बीएचयू में एडमिट कराया गया तो वहां मरीज का वही फोन नंबर दिया गया जो आफ बता रहा था। इससे परिजनों को मरीज के बारे में कोई सूचना नहीं मिल पा रही थी। उन लोगों ने अपने रिश्तेदारों के माध्यम से बीएचयू में पता कराया तो बुधवार सुबह ही उन्हें मरीज की मौत होने की जानकारी हो गई थीं जबकि बुधवार दोपहर बाद तक मेडिकल कालेज प्रशासन इससे अनभिज्ञ था। प्राचार्य डॉ. आरपी शर्मा मरीज की हालत गंभीर, लेकिन स्थिर बताते रहे। शाम पांच बजे मेडिकल कालेज के नोडल अधिकारी कोविड-19 डॉ. दीपक पांडेय ने फोन कर मरीज की 21 की शाम को मौत होने की पुष्टि की।
शुरू हो चुुकी है जांच
आजमगढ़। मंडलायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को डीएम ने मरीज से पैसा मांगने के मामले की जांच एसपी सिटी को सौंप दी है। एसपी सिटी पंकज पांडेय ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। मेडिकल कालेज के फुटेज चेक किया जाएगा। जांच पूरी होने पर सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री से शिकायत
मरीज के इलाज के लिए 25 लाख रुपये मांगने और इलाज में लापरवाही का मामला परिजनों ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्वनी चौबे तक पहुंचा दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने परिजनों को पूरे मामले की जांच कराने आश्वासन दिया है। परिजनों का कहना है कि केंद्रीय राज्य मंत्री के प्रयास से ही 21 जुलाई को मरीज की मौत होने की पुष्टि हुई थी।