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मेडिकल कालेज से रेफर कोरोना मरीज की बीएचयू में मौत, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री से भी परिजनों ने की शिकायत

Wed, 22 Jul 2020 08:07 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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बलिया से आजमगढ़ के चक्रपानपुर स्थित मेडिकल कालेज  भेजे गए मरीज की मंगलवार शाम बीएचयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अपने स्तर से इसकी पुष्टि बुधवार सुबह ही कर दी थी। मौत की बात 21 की शाम की बताई जा रही है। 22 की शाम शाम पांच बजे नोडल अधिकारी डॉ. दीपक पांडेय ने मरीज की मौत होने की पुष्टि की। परिजनों ने मेडिकल कालेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री से शिकायत की है।

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बलिया जिले का एक व्यवसायी 17 जुलाई को कोरोना संक्रमित पाया गया था। उसे राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर लाकर भर्ती कराया गया। यहां लाए जाने के बाद उसने फोन कर परिजनों को बताया कि वह मेडिकल कालेज में भर्ती हो गया है और यहां की व्यवस्था ठीक है। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। 19 की रात मोबाइल आन हुआ पर फोन किसी और के पास था।

कारण कि मरीज उस समय वाईपैप पर था। फोन उठाने वाले ने मरीज के फोन से ही कुछ वीडियो के साथ एक मैसेज रिश्तेदारों व परिजनों को भेदा कि तुम्हारे मरीज की हालत बहुत गंभीर है, 25 लाख रुपये भेज दो। पैसे की डिमांड होने पर परिजनों ने इसकी जानकारी अमर उजाला को दी थी। अमर उजाला ने इसे मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। 20 जुलाई की शाम मेडिकल कालेज प्रशासन ने मरीज को बीएचयू भेज दिया जहां इलाज के दौरान 21 की शाम को मरीज की मौत हो गई।

बलिया से मेडिकल कालेज में भर्ती और यहां से बीएचयू रेफर हुए मरीज की मंगलवार शाम इलाज के दौरान वाराणसी में मौत हो गई। शाम पांच बजे बीएचयू से इसकी रिपोर्ट आई है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।

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डॉ. दीपक पांडेय, नोडल कोविड-19, राजकीय मेडिकल कालेज, चक्रपानपुर।

 

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अश्विनी कुमार चौबे (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

बीएचयू में लिखाया बंद फोन का नंबर

आजमगढ़। मेडिकल कालेज से मरीज को बीएचयू में एडमिट कराया गया तो वहां मरीज का वही फोन नंबर दिया गया जो आफ बता रहा था। इससे परिजनों को मरीज के बारे में कोई सूचना नहीं मिल पा रही थी। उन लोगों ने अपने रिश्तेदारों के माध्यम से बीएचयू में पता कराया तो बुधवार सुबह ही उन्हें मरीज की मौत होने की जानकारी हो गई थीं जबकि बुधवार दोपहर बाद तक मेडिकल कालेज प्रशासन इससे अनभिज्ञ था। प्राचार्य डॉ. आरपी शर्मा मरीज की हालत गंभीर, लेकिन स्थिर बताते रहे। शाम पांच बजे मेडिकल कालेज के नोडल अधिकारी कोविड-19 डॉ. दीपक पांडेय ने फोन कर मरीज की 21 की शाम को मौत होने की पुष्टि की।

शुरू हो चुुकी है जांच

आजमगढ़। मंडलायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को डीएम ने मरीज से पैसा मांगने के मामले की जांच एसपी सिटी को सौंप दी है। एसपी सिटी पंकज पांडेय ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। मेडिकल कालेज के फुटेज चेक किया जाएगा। जांच पूरी होने पर सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। 

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री से शिकायत

मरीज के इलाज के लिए 25 लाख रुपये मांगने और इलाज में लापरवाही का मामला परिजनों ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्वनी चौबे तक पहुंचा दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने परिजनों को पूरे मामले की जांच कराने आश्वासन दिया है। परिजनों का कहना है कि केंद्रीय राज्य मंत्री के प्रयास से ही 21 जुलाई को मरीज की मौत होने की पुष्टि हुई थी। 
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