आजमगढ़। प्रभारी जिलाधिकारी एवं सीडीओ अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में सोमवार शाम को कलेक्ट्रेट के सभागार में दिसंबर माह की कर एवं करेत्तर तथा राजकीय देयकों की तहसीलवार वसूली की समीक्षा हुई। इस दौरान लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली पर तहसीलदारों को फटकार लगाई गई।
सीडीओ ने भू-राजस्व, स्टाम्प एवं पंजीकरण, राजस्व उत्पाद शुल्क (आबकारी), विक्री, वाणिज्य कर, वाहन कर/माल एवं यात्रीकर, विद्युत कर तथा शुल्क, मनोरंजन कर की बिन्दूवार समीक्षा की गई। राजस्व उत्पाद शुल्क आबकारी की वसूली 105.76 फीसदी, क्रमिक प्राप्ति का प्रतिशत 96.61,
विक्री, वाणिज्य कर की वसूली 6.31 फीसदी और क्रमिक प्राप्ति 67.40 फीसदी, विद्युत कर तथा शुल्क की वसूली 64.62 फीसदी तथा क्रमिक प्राप्ति का 71.34 प्रतिशत रही। प्रभारी जिलाधिकारी ने लक्ष्य पूरा न करने पर नारजगी व्यक्त करते हुए तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वसूली को लक्ष्य के सापेक्ष पूरा करें, नहीं तो आवश्यक कार्रवाई होगी।
करेत्तर राजस्व में चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य, वानिकी एवं वन्य जीव, भू-तत्व एवं धातुकर्म, लोक निर्माण विभाग (सड़क-पुल), वरिष्ठ निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान (बाट माप) की समीक्षा हुई।
वानिकी एवं वन्य जीव की वसूली 11.93 और क्रमिक प्राप्ति 65.51, लोक निर्माण विभाग की वसूली 18.27 और क्रमिक प्राप्ति 102.78 तथा नगर विकास विभाग की वसूली 88.01 और क्रमिक प्राप्ति 91.36 फीसदी रही। तहसील सदर, सगड़ी, लालगंज, निजामाबाद में भूराजस्व, मोटर देय तथा विद्युत देयकों में खराब वसूली होने पर लक्ष्य के सापेक्ष पूरा करने को कहा गया।
तहसील मेंहनगर को भू-राजस्व में शून्य वसूली पर फटकार लगाई गई। सीडीओ ने निजामाबाद, फूलपुर, मेंहनगर के जिन गांवों का अंश निर्धारण नहीं हुआ है उसे तत्काल पूरा करने को कहा। पांच वर्ष से पहले के मुकदमों को 31 मार्च तक निस्तारित करने को कहा। सीआरओ आलोक कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीके गुप्ता, सहित समस्त उप जिलधिकारी एवं तहसीलदार उपस्थित थे।