रानी की सराय। ग्राम पंचायतों में बने एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (आरसीसी सेंटर) होने के बावजूद न तो कूड़े का नियमित उठान हो रहा है और न ही सेंटरों का कोई उपयोग।
ब्लॉक की 81 ग्राम पंचायतों में आरसीसी सेंटर बने हैं, वहीं कूड़ा एकत्र करने के लिए ई-रिक्शा भी पंचायतों को उपलब्ध कराए गए, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इन्हें चलाने वाला कोई नहीं है। कई पंचायतों में ई-रिक्शा पंचायत भवन के अलावा जनप्रतिनिधियों के घर के बाहर खड़े धूल फांकते नजर आ रहे हैं, जबकि गांवों की गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में करीब तीन लाख रुपये की लागत से आरसीसी सेंटर और लगभग 1.40 लाख रुपये का ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद हालात यह हैं कि महीनों से कूड़े का उठान नहीं हुआ। ग्रामीण राजेश चौहान, अजय कुमार, विजय चौरसिया आदि का कहना है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे है और दुर्गंध व गंदगी से बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। पंचायती राज विभाग भले ही स्वच्छता अभियान चलाने का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी सच्चाई इन दावों की पोल खोल रही है।
इस संबंध में रानी की सराय ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी राज किशोर सिंह ने बताया कि तुरंत निर्देश दिए जा रहे हैं। कूड़ा आरसीसी सेंटर में नहीं भेजे जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।