आजमगढ़। कोटा से आने वाले छात्र-छात्राओं की जांच रोडवेज पर चाइना से आई रैपिड किट से गई थी। सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया था। इस बीच शासन की ओर से रैपिड किट की जांच को फेल मान लिया गया। ऐसे में घर भेजे गए इन छात्रों की निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही जिले के लिए भारी पड़ सकती है। फिलहाल एक छात्र बुखार, खांसी से पीड़ित मिला है। उसे जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया है और सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है।
पांच छह दिनों पूर्व कोटा से 490 छात्र प्रदेश सरकार के निर्देश पर रोडवेज की बसों से जिले में लाए गए। रोडवेज पर ही सभी छात्रों का रैपिड किट से जांच की गई। इसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद जिला प्रशासन ने सभी छात्रों को उनके घरों पर भेज कर होम क्वारंटीन करा दिया। इस बीच रैपिड किट के फेल की सूचना आने लगी। ऐसे में इस किट से हुई जांच संदिग्ध हो गई है। ऐसे में कोटा से लौटे इन छात्रों की जांच जरूरी है। अन्यथा कभी भी ये परेशानी खड़ी कर सकते हैं। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से इन बच्चों का फोन पर फॉलोअप करने की बात कही जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी इनकी रैंडम जांच नहीं की गई है। फिलहाल रैपिड किट से निगेटिव आई रिपोर्ट के बाद भी कोयलसा क्षेत्र में गए एक छात्र में खांसी, बुखार आदि की शिकायत सामने आई है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे जिला अस्पताल लाकर क्वारंटीन कर दिया है और जांच के लिए सैंपल भेज दिया है।
कहीं पॉजिटिव आई रिपोर्ट तो बढ़ेगी परेशानी
आजमगढ़। कोटा से लौटे एक छात्र में खांसी-बुखार की शिकायत आने के बाद उसका सैंपल स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए भेज दिया है। अगर इस छात्र की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई तो जिले के लिए काफी बड़ी परेशानी का सबब भी बनेगी। पॉजिटिव आने की स्थिति में छात्र के परिवार के साथ ही उस बस में सवार छात्रों की भी जांच करानी होगी, जिससे वह कोटा से वापस लौटा था। वहीं यदि साथ आया कोई और छात्र भी पॉजिटिव मिल गया तो फिर उसका परिवार भी क्वारंटीन व आइसोलेट किया जाएगा।
रैपिड किट के फेल होने से कोटा से लौटने के बाद घर भेज कर क्वारंटीन किए गए छात्र चिंता का कारण तो बने है, लेकिन अभी मात्र एक छात्र में बुखार-खांसी का लक्षण सामने आया है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कर सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है। वैसे सभी छात्रों पर नजर रखी जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के लोगों को डीएम ने जिम्मेदारी सौंपी है। सभी एबीएसए अपने-अपने क्षेत्र के छात्रों से प्रतिदिन फोन पर वार्ता कर हालचाल ले रहे है और स्वास्थ्य महकमें को अपनी रिपोर्ट से अवगत करा रहे है। जहां कहीं भी किसी छात्र में कोई समस्या की सूचना आ रही है टीम पहुंच कर उसकी जांच कर रही है। 490 छात्रों में फिलहाल मात्र एक छात्र ही संदिग्ध मिला है। - डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़।