निजामाबाद तहसील के लखनपुर में रामलीला का मंचन करते कलाकार।
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आजमगढ़। निजामाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा लखनपुर में रामलीला का जीवंत मंचन किया गया। रामलीला 35 वर्षों से होती चली आ रही है। शनिवार को राम केवट संवाद, राम वनवास का जीवंत मंचन किया गया।
श्री रामलीला के चौथे दिन भरत और शत्रुघ्न ननिहाल से बुलाए गए। जब यह जानकारी हुई कि उनके बड़े भैया राम को वनवास मिला है तो उन्हें बड़ा दुख हुआ। वे तुरंत अयोध्यावासियों को सूचना देकर गुरु वशिष्ठ, माता कैकेई और सुमंत के साथ राम को मनाने के लिए निकल गए लेकिन राम ने क्षत्रिय धर्म होने के नाते उनकी बात नहीं मानी। अंत में गुरु वशिष्ट से भरतजी ने आज्ञा लेकर राम की खड़ाऊ लेना उचित समझा। कहा कि जब तक भैया वन से नहीं वापस आ जाएंगे तब तक अयोध्या में उनकी चरण पादुका रखकर पूजा करूंगा। गुरु वशिष्ट के साथ वापस अयोध्या चल दिए । केवट-राम संवाद में लोगों तालियां बजाकर खूब उत्साहवर्धन किया। केवट के रोल में दयालु गौड़, श्रीराम के रोल में विपिन राय, लक्ष्मण के रोल में अमन राय, सीता के रोल में राजेश प्रजापति, भरत के रोल में ईश्वर चंद, गुरु वशिष्ट के रोल में सौरभ कन्नौजिया तथा सुमंत के रोल में सुरेंद्र कन्नौजिया सराहनीय रहा। मनीष चौधरी, उज्ज्वल पाठक,प्रधान बृजेश कन्नौजिया, विवेक राय, भोले राय, डब्लू सेठ, बबलू राय आदि उपस्थित रहे।