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120 अपराधियों की ‘कुंडली’ खंगाल रही रेलवे राजकीय पुलिस

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आजमगढ़। रेलवे राजकीय पुलिस ट्रेन, प्लेटफार्म व स्टेशन परिसर में चोरी व जहरखुरानी की घटना को अंजाम देने वाले करीब 120 अपराधियों की कुंडली खंगालने में जुट गई है। इन अपराधियों के घर-घर जाकर पुलिस उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी कर रही है। इससे अपराधियों का अपडेट डेटा तैयार किया जाएगा। इसका मकसद अपराधियों की निगरानी बढ़ाना है।
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जीआरपी में तैनात सिपाही व दारोगा को अलग-अलग अपराधियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जीआरपी थाना आजमगढ़ में पिछले दस सालों में करीब 120 अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह अपराधी परदेश से आ रहे व परदेश जा रहे लोगों को और उन्हें छोड़ने आए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। वह चलती ट्रेन, प्लेटफार्म व स्टेशन परिसर में चोरी करते हैैं। इतना ही नहीं किसी तरह यात्रियों को अपने विश्वास में लेकर उन्हें जहरखुरानी का शिकार बनाते हैं। उनके पास जितने भी सामान व रुपये होते हैं उन्हें लेकर वह यात्रियों को मरते हाल में छोड़कर चलते बनते हैं। जब यात्रियों की नींद खुलती है तो वह जीआरपी थाने में पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराते हैं। ऐसे में करीब 120 अपराधी ऐसे हैं जिन्होंने चोरी व जहरखुरानी की घटना को अंजाम दिया है। पुलिस पता उनके घर जाकर पता लगा रही कि पूर्व की घटनाओं में जेल गए बदमाश फिलहाल कहां और क्या कर रहे हैं, इसी बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
अपराध की दुनिया छोड़ने के लिए कर रहे प्रेरित
रेलवे राजकीय पुलिस अपराधियों के घर जा कर उनसे और उनके परिवार से मिल रही है। परिजनों के साथ बैठकर उन्हें अपराध की दुनिया छोड़ने के लिए प्रेरित कर रही है। जीआरपी पुलिस का दावा है कि कुछ अपराधी ऐसे भी हैं जो उनकी प्रेरणा से अपराध की दुनिया छोड़कर अपने परिवार का जीवन-यापन करने के लिए काम-धाम शुरू कर दिए हैं।
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अपराधियों की निगरानी बढ़ाने के मकसद से उनके घर-घर जाकर उनका अपडेट डेटा तैयार किया जा रहा है। हर सिपाही को अलग-अलग अपराधियों की जानकारी जुटाने के लिए जिम्मा दिया गया है। - गणनाथ प्रसाद, जीआरपी थाना प्रभारी आजमगढ़
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