दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को वृहद लोक अदालत लगाया गया। इसमें आपसी सुलह-समझौते के आधार पर 30 हजार वादों को निस्तारण किया गया जबकि विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण के एवज में एक करोड़ रुपये जमा कराए गए। सुबह 10 बजे से शुरू हुए वादों के निस्तारण का कार्य देर शाम तक चलता रहा।
लोक अदालत का उद्घाटन न्यायालय के हाल आफ जस्टिस में जनपद न्यायाधीश अखिलेश चंद शर्मा ने किया। इस दौरान अदालत के पीठाशीन अधिकारी लक्ष्य के सापेक्ष मुकदमों का निस्तारण में जुट गए। विधिक सेवा के सचिव मोहन कुमार ने बताया कि 30 हजार मुकदमों का निस्तारण कराया गया है।
बैंकों में संयुक्त क्षेत्रिय काशी गोमती बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, यूको बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया, सेंट्रल बैंक और पंजाब नेशनल बैंक से संबंधित सभी शाखाओं के लगभग दो करोड़ का समझौता हुआ और एक करोड़ की वसूली की गई।
दीवानी न्यायालय के मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद के किए गए निस्तारण में 62,38,349 रुपये प्रतिकर के रुप में दिलाया गया। साथ ही वरिष्ठ सिविल जज की अदालत से निस्तारित 57 वादों में एक करोड़ 24 लाख रुपये उत्तराधिकारियों को दिए जाने का आदेश दिया गया।
दीवानी न्यायालय फौजदारी के निस्तारित वादों से 2,55,236 रुपया जुर्माना के रुप में वसूले गए। इस प्रकार आयोजित लोक अदालत में दीवानी न्यायालय के लगभग 3155 और कलेक्टे्रट से संबंधित 26,876 वाद का निस्तारण किया गया। इसी क्रम में विद्युत अधिनियम, श्रम वाद, उपभोक्ता फोरम, आबकारी अधिनियम सहित अनेक मामलों को निपटाया गया। विभिन्न अदालतों द्वारा देर रात तक निस्तारित हुए मुकदमों की गणना की जा रही थी।