कमिश्नरी कार्यालय के सभागार में समीक्षा बैठक करते मंडलायुक्त वीवी पंत।
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आजमगढ़। बलिया के 410 गांवों के पीने के पानी में आर्सेनिक ज्यादा मात्रा में पाई जाती है। इनमें से 160 गांवों में आर्सेनिक रिमूवल उपकरण नहीं लगाए जा सके हैं। मंडलायुक्त वीवी पंत ने मार्च तक सभी गांवों में आर्सेनिक मुक्त पेयजल का इंतजाम करने को कहा। मंडलायुक्त सभागार में मंगलवार को उन्होंने मंडल में शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की समीक्षा की। कहा कि टेलीमेडिसिन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि उसका लाभ गांव में बैठे लोग भी आसानी से ले सकें।
जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि बलिया में कुल 410 गांव आर्सेनिक प्रभावित हैं। इसमें से 70 गांव को जल निगम और 180 गांव को जिला पंचायत से आर्सेनिक मुक्त किया जा रहा है। शेष 160 गांवों में आर्सेनिक रिमूवल उपकरण लगाए जा रहे हैं। मंडलायुक्त ने मार्च तक इस काम को पूरा करने और बलिया के डीपीआरओ से आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्रों में लगे हैंडपंपों को अलग रंग से रंगवाने कहा। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसीन बहुत ही लाभदायक एवं सरल चिकित्सा पद्धति है। तीनों जिलों के सीएमओ को इसका प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश देते हुए कहा कि जो लोग इस पद्धति से स्वास्थ्य लाभ ले चुके हैं, उनके अनुभव से अवगत कराकर आमजन को जागरूक करें। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में पता चला कि आजमगढ़ में 18.54 प्रतिशत, मऊ में 16.14 एवं बलिया में 14.79 फीसदी लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बने हैं। उन्होेंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों के कार्ड बनाए जाएं ताकि वे योजना का लाभ ले सकें।
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आजमगढ़ में लक्ष्य 1859 में से 65, मऊ में 671 में से 89 एवं बलिया में 948 में से आजमगढ़ 157 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण जमीन की कमी के चलते शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि यदि भूमि नहीं मिलती तो शासन को अवगत कराएं। आजमगढ़ में 89, मऊ में 63 एवं बलिया में 349 गांवों में पंचायत भवन के जमीन नहीं मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी इस पर ध्यान दें। बैठक में धान खरीद, औद्यानिक मिशन, श्रम पंजीयन, गोवंश आश्रय स्थलों सहित आदि की समीक्षा हुई।थ अंत में अधिकारियों द्वारा बलिया के दिवगंत सीएमओ डा. जितेंद्र पाल को श्रद्घांजलि दी गई।इस मौके पर डीएम आजमढ़ राजेश कुमार, डीएम मऊ अमित सिंह बंसल, ़डीएम बलिया हरि प्रताप शाही, संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, सीडीओ आजमगढ़ आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ बलिया विपिन जैन, सीडीओ मऊ रामसिंह वर्मा आदि उपस्थित थे।