जिला अस्पताल में सोशल डिस्टेसिंग का माखौल उड़ा भत्ता कटौती का विरोध करते कर्मचारी।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। जिला अस्पताल परिसर में शुक्रवार को डीए व अन्य भत्ते को रोके जाने के विरोध में प्रदर्शन का आयोजन हुआ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारी मोमबत्ती जला कर प्रदर्शन किए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पूरी तरह से अनदेखी भी देखने को मिली और सभी कर्मचारी एक दूसरे से सट कर खड़े हुए थे।
कोरोना संक्रमण (कोविड-19) को देखते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार ने सभी कर्मचारियों के तीन महंगाई भत्ते के साथ ही अन्य कई भत्तों को रोकने का फरमान जारी किया है। सरकार के इस फरमान पर सभी केंद्रीय व प्रदेशीय कर्मचारी आक्रोशित हो उठे है। शुक्रवार को एक मई मजदूर दिवस पर कर्मचरियों ने विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया था। इसके तहत राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वाधान में जिला अस्पताल में मोमबत्ती जला कर विरोध कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में अस्पताल के सभी डॉक्टरों के साथ ही कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया। इस आयोजन में जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एकेजी सिंह भी शामिल रहे और उनकी उपस्थिति में ही इस आयोजन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गई। विरोध कार्यक्रम के पश्चात संगठन की तरफ से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। संगठन में मंत्री सुबाष पांडेय ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाप, पुलिस, बिजलीकर्मी समेत सभी कर्मचारी जी जान से जुटे हुए है। ऐसे में इनके भत्तों पर रोक लगा कर सरकार इन्हें हतोत्साहित करने का काम कर रही है। तत्काल इस निर्णय का वापस लिए जाने की मांग की गई।
हमने सभी से सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने को कहा लेकिन जगह की कमी के चलते लोगों के बीच दूरी कुछ कम हो गई। हालांकि मैंने तत्काल सभी को परिसर से बाहर खुले स्थान पर ले जाकर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराया।
डॉ. एसकेजी सिंह, एसआईसी, जिला अस्पताल, आजमगढ़।
जिला अस्पताल में सोशल डिस्टेसिंग का माखौल उड़ा भत्ता कटौती का विरोध करते कर्मचारी।- फोटो : AZAMGARH
जिला अस्पताल में सोशल डिस्टेसिंग का माखौल उड़ा भत्ता कटौती का विरोध करते कर्मचारी।- फोटो : AZAMGARH