बिहार चुनाव में एनडीए को मिली करारी हार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजनैतिक दलों के जिलाध्यक्षों ने इसे भाजपा द्वारा जनता से किए वादों को भूलने का परिणाम बताया। कहा कि जनता ने धर्म और जाति की राजनीति को परे ढ़केलते हुए महागठबंधन को यह जीत दिलाई है।
सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि देश में झूठ बोलकर राजनीति नहीं की जा सकती है। बिहार की जनता ने इसे साबित कर दिया है। भाजपा ने लोकसभा चुनाव के दौरान जनता से जो वादा किया उसे पूरा नहीं कर सकी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह ने कहा कि बिहार चुनाव में कांग्रेस को बड़ी सफलता मिली है।
बिहार में बीजेपी ने धर्म निरपेक्षता पर हमला किया और सामाजिक प्रतिक्रिया का आकलन ठीक ढंग से नहीं कर पाई। समाज से मिल रही प्रतिक्रिया पर इनके मंत्रियों ने बयानबाजी की।
साथ ही आरक्षण को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान ने भी चुनाव पर असर डाला। भाजपा जिलाध्यक्ष सहजानंद राय ने कहा कि निश्चित रूप से बिहार की जनता ने महागठबंधन को अपना स्नेह दिया है। हम उसका स्वागत करते हैं।
हर प्रदेश की अलग-अलग स्थिति होती है लेकिन उत्तर प्रदेश की स्थिति बिहार से भिन्न है। जहां आगामी दिनों में लोगों का रूझान बीजेपी की ओर रहेगा।
उन्होंने कहा कि हम बिहार की जनता के सामने अपनी बातों को इीक ढ़ंग से नहीं रख पाए जिसके कारण चुनाव हारे। बसपा जिलाध्यक्ष सुभाष गौतम ने कहा कि भाजपा के झूठ की पोल खुल गई। इस परिणाम से यह स्पष्ट हो गया कि जो धरातल पर कार्य करेगा उसे जीत मिलेगी।
आप के जिला संयोजक राजेश यादव ने कहा कि बिहार में मोदी के झूठ की हार और आम आदमी की जीत हुई है। अब बीजेपी के दुर्दिन की शुरूआत हो चुकी है।
दिल्ली और बिहार में उनका सबकुछ खत्म हो चुका है जो बचा है वह पंजाब में होने वाला चुनाव पूरा कर देगा। जबकि यूपी विस के 2017 वाले चुनाव में भी उन्हें औकात समझ में आएगी।