अंबारी। ब्लाक फूलपुर क्षेत्र के खरसहन खुर्द गांव निवासी प्रगतिशील किसान महेंद्र सिंह ने 40 एकड़ धान की रोपाई 15 जून से पहले की है। इसमें छह एकड़ सुगंधित धान जैसे काला नमक, जूही बंगाल, दफ्तरी, कस्तूरी, रामभोग, बादशाह भोग, बासमती की खेती पद्मश्री डा.सुवास पालेकर प्राकृतिक कृषि की विधि को अपनाकर कर रहे हैं। इसमें सिर्फ एक देशी गाय के गोबर और मूत्र से तैयार घन जीवामृत और बीजामृत का प्रयोग किया गया है। लहलहाती फसल अपने आप में अद्भुत दिख रही है। यहीं नहीं वो किसानों को मुफ्त बीज भी दे रहे हैं। ताकि इस विधि का प्रसार हो सके।
इन्होंने धान की रोपाई 15 जून से पहले बिना किसी रासायनिक खाद के की है। धान की रोपाई से पहले घन जीवामृत डालकर खेत की तैयारी किया। इसके बाद धान की रोपाई के 21 दिन के बाद जीवामृत का छिड़काव मशीन से करा चुके हैं। 21 दिन के बाद घन जीवामृत के छिड़काव की तैयारी चल रही है। इनका उद्देश है कि किसान हमारे यहां से तैयार धान का बीज मुफ्त में लेकर प्राकृतिक खेती करें। ताकि जनपद में डा.सुवास पालेकर की प्राकृतिक कृषि पद्धति का प्रसार हो। कम लागत में विष रहित हानि रहित उपज पैदाकर लोगों को स्वादिष्ट, पौष्टिक खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। तमाम तरह की बीमारियों से छुटकारा दिलाया जा सके। पूरे खेत की गाटाबंदी कराकर आठ-आठ फीट चौड़ा मार्ग मिट्टी पटवाकर बनाया है। मार्ग के दोनों किनारों पर बिना रासायनिक उर्वरक का प्रयोग किए सूरन, सहिजन, केला, पपीता और अन्य लतादार सब्जियों जैसे तरोई, खीरा, करैला, लौकी आदि की खेती की है।