आजमगढ़। मंडलायुक्त सभागार में बुधवार को मंडलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में मंडलीय कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने अपर निदेशक अभियोजन आजमगढ़ मंडल को निर्देश दिया कि पाॅस्को, एससी/एसटी, गैंगस्टर एवं अन्य धाराओं में निरुद्ध कैदियों के विरुद्ध प्रभावी पैरवी करें और सजा दिलाने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि गंभीर धाराओं में निरुद्ध कैदियों की बेल न होने पाए। उन्होंने कहा कि यदि बेल हो भी जाती है तो तत्काल ऊपर की अदालत में वाद दाखिल करें। उन्होंने कहा कि अपर निदेशक अभियोजन वादों को व्यक्तिगत देखें तथा जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया जाए।
पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने मंडलायुक्त को बताया कि एसपी ने शिकंजा अभियान चलाकर बड़ी संख्या में फर्जी जमानतदारों को पकड़वाया है। उन्होंने कहा कि फर्जी जमानतदारों पर एफआईआर दर्ज कराया गया है, इससे फर्जी जमानत पर रोक भी लगेगी। उन्होंने कहा कि चेन स्नेचर पर भी प्रभावी कार्रवाई की गई है। मंडलायुक्त ने कहा कि थानों में पड़े लावारिस वाहनों को आरटीओ कार्यालय से समन्वय स्थापित कर नीलाम कराएं।
मंडलायुक्त ने कहा कि एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से समन्वय कर सकरी पुलिया पर लाइट एवं अन्य व्यवस्थाएं सही कराएं। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं अन्य वादों का अधिक से अधिक निस्तारण हो, इसके लिए अदालती आदेशों का तामिला कराया जाए। बैठक में जिलाधिकारी आजमगढ़ विंद्र कुमार, बलिया मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी मऊ प्रवीण मिश्रा, एसपी डॉ. अनिल कुमार, बलिया ओमवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक मऊ इला मारन आदि मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।