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UP: हत्या के आरोपी ने जेल के खाते से निकाले 30 लाख रुपये, खुद को बताता था ठेकेदार; इस गलती से खुली पोल

Sat, 11 Oct 2025 12:48 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: यूपी के आजमगढ़ स्थित जिला कारागार से हत्या मामले में आरोपी 20 मई 2024 को छूटा था। उसने निकलते वक्त केनरा बैंक की चेक बुक को चुरा लिया। अगले दिन ही वह बैंक में गया और खुद को जेल का ठेकेदार बताकर पैसे निकालता रहा।
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आजमगढ़ मंडलीय कारागार का मामला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ मंडलीय कारागार में निरुद्ध बंदी ने जेल की केनरा बैंक की चेकबुक को गायब कर दिया। जेल से रिहा होने बाद उसने कई किस्तों में जेल के खाते से 30 लाख रुपये निकाल लिए। जब इसकी जानकारी जेल अधीक्षक को हुई तो उन्होंने इस मामले में जेल में तैनात वरिष्ठ सहायक, चौकीदार समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। 

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इस मामले में एसपी सिटी मधुवन कुमार सिंह ने बताया कि अपनी पत्नी की हत्या के मामले में रामजीत यादव उर्फ संजय ग्राम जमुआ शाहगढ़ थाना बिलरियागंज 24 फरवरी 2023 को जेल गया था। 20 मई 2024 को रामजीत यादव उर्फ संजय की जमानत हो गई। 

ये है पूरा मामला

जमानत के समय रामजीत यादव जेल के सरकारी खाते की केनरा बैंक की चेक बुक जिसका संचालन जेल अधीक्षक द्वारा किया जाता है, को चुरा लिया। जेल से रिहा होने के अगले ही दिन 21 मई 2024 को उसने जेल के खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिए।

इसके बाद 22 मई को दोबारा फिर से 50 हजार निकाले। चार दिन बाद फिर से 140000 रुपये उसने बैंक से निकाला। वह पैसा निकालता रहा और जेल के अधिकारियों व कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। 

जब 22 सितंबर 2025 को उसने बैंक के खाते से दो लाख 60 हजार रुपये निकाले तो जेल अधीक्षक आदित्य कुमार सिंह को इसकी जानकारी हुई। जेल अधीक्षक ने कारागार में तैनात वरिष्ठ लेखा प्रभारी मुशीर अहमद से इसकी जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि इतना पैसा नहीं निकाला गया। 
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स्टेटमेंट से खुली पोल

इसके बाद जेल प्रशासन के अधिकारियों ने बैंक पहुंचकर जब स्टेटमेंट निकलवाया तो पता चला कि जेल से रिहा हुआ कैदी रामजीत यादव अपने को जेल का ठेकेदार बताकर लगातार केनरा बैंक के खाते से जेल अधीक्षक का फर्जी दस्तखस्त बनाकर पैसे निकालता रहा। 

मामले का खुलासा होने के बाद जेल अधीक्षक आदित्य कुमार सिंह ने आजमगढ़ कोतवाली में चार आरोपियों रामजीत यादव उर्फ संजय, शिव शंकर उर्फ गोरख पिता लालजीत यादव, वरिष्ठ सहायक मुशीर अहमद और जेल के चौकीदार अवधेश कुमार पांडेय के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।

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