सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की छह अक्तूबर को प्रस्तावित जनसभा अचानक अपरिहार्य कारणों से स्थगित होने के कारण पार्टी की ओर की जा रही तैयारियां थम गई हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी के पदाधिकारी, विधायक और मंत्री समेत कार्यकर्ता जी-जान से जुटे हुए थे। जिले के सभी दस विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त किए गए और उन्हें भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में तक हुई पार्टी की बैठकों में कार्यक्रम की सफलता की रणनीति तैयार की गई थी। होर्डिंग्स भी लगाए गए थे लेकिन ऐनवक्त पहले कार्यक्रम स्थगित होने से कार्यकर्ताओं को निराशा हुई है।
मायावती की आईटीआई परिसर में 28 अगस्त को हुई सभा के बाद कांग्रेस की ओर से प्रदेश की मुख्यमंत्री घोषित की गईं शीला दीक्षित और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी का कार्यक्रम भी जिले में हुआ। दो शीर्ष पार्टियों के कार्यक्रम के बाद सपा मुखिया की छह अक्तूबर की जनसभा को सफल बनाने के लिए सपा के लोग पूरी ताकत के साथ लगे थे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के कार्यक्रम में कई बार तब्दीली हुई। पहले यह जनसभा 13 सितंबर को प्रस्तावित थी लेकिन बकरीद की वजह से तिथि टालकर सात अक्तूबर की गई। यह भी तिथि टली और बाद में छह अक्तूबर की तिथि तय हुई। कार्यक्रम एक बार फिर स्थगित हो गया। इससे पार्टी को नुकसान पहुंचा है। जिले में कई स्थानों पर होर्डिंग्स आदि लगाकर प्रचार किया गया था।
अगली तिथि तय होने पर इसकी सूचना दी जाएगी। सपा मुखिया के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हरसंभव सभी तैयारियां कर ली गईं थी। - हवलदार यादव, सपा जिलाध्यक्ष