आजमगढ़। महाराणा प्रताप सेना के प्रदेश कार्यसमिति की बैठक रविवार को हरबंशपुर स्थित मिशन कंपाउंड में हुई। बैठक में संगठन के विस्तार को लेकर चर्चा की गई और पदाधिकारियाें एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
सेना प्रमुख विजेंद्र सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने मान सम्मान के लिए घास की रोटी कबूल की लेकिन अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की। ऐसे महापुरूष से प्रेरणा लेकर उनके पदचिह्नों पर चलने की आवश्यकता है। एक दिसंबर तक पूरे प्रदेश में ब्लाक स्तर तक संगठन तैयार करना। 26 जनवरी 2021 से सदस्यता महाभियान प्रारंभ करना है। महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना के लिए डीएम से संपर्क कर स्थान सुरक्षित कराना है। महाराणा प्रताप की जयंती नौ मई को राष्ट्र की एकता, अखंडता व स्वाभिमान के लिए तिरंगा यात्रा के बाद गोष्ठी होगी। महाराणा प्रताप की जयंती को राष्ट्रीय पर्व घोषित कराने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया जाएगा। संरक्षक अधिवक्ता शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप सेना प्रदेश ही नहीं पूरे देश में अपना एक कीर्तिमान स्थापित करेगी। प्रभारी अनिल सिंह, प्रदेश संयोजक सूर्यभान सिंह ने कहा कि अगली बैठक 27 दिसंबर को वाराणसी में होगी। अध्यक्षता संरक्षक हरिलाल यादव ने की। अशोक सिंह, विनय प्रताप सिंह, सूर्यभान सिंह, समरेन्द्र सिंह, अच्युतानंद त्रिपाठी, राजेश सिंह, राजेश प्रधान, सुरेंद्र यादव, जय सिंह, सुरेंद्र मौर्य, हरिकेश सिंह, अनिल कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।