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अजीत हत्याकांड में आरोपित प्रदीप सिंह कबूतरा ने किया समर्पण

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आजमगढ़। जनवरी माह में लखनऊ के कठौता चौराहे पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई अजीत सिंह की हत्या में नामजद आरोपी प्रदीप सिंह कबूतरा ने शनिवार को पुलिस को चमका देकर न्यायालय में समर्पण कर दिया। पुलिस प्रदीप की गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबिश की कवायद में जुटी थी, लेकिन उसे गिरफ्तार कर पाने में सफल नहीं हो सकी। प्रदीप ट्रांसपोर्टर धनराज हत्याकांड में भी आरोपित था। वाराणसी के ट्रांसपोर्टर धर्मराज की 11 मई 2013 को तरवां थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में माफिया अखंड प्रताप सिंह के साथ ही प्रदीप सिंह कबूतरा भी नामजद था। कोर्ट से प्रदीप के खिलाफ वारंट भी जरी हुआ था।
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वहीं जनवरी 2021 में लखनऊ के कठौता चौराहे पर पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड के मुख्य गवाह व मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में माफिया ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू, अखंड प्रताप सिंह, गिरधारी विश्वकर्मा नामजद किए गए थे। शूटरों की मदद से हत्या कराई गई थी। पुलिस की विवेचना में इस हत्याकांड में प्रदीप सिंह कबूतरा का भी नाम आरोपित के रुप में शामिल किया गया। तब से प्रदीप सिंह कबूतरा अंडरग्राउंड चल रहा था। वह धनराज हत्याकांड में जमानत पर बाहर था। दीवानी न्यायालय के कोर्ट नंबर एक में धनराज हत्याकांड का मुकदमा काफी अर्से से चल रहा है।
अजीत हत्याकांड में नाम आने के बाद से प्रदीप सिंह धनराज हत्याकांड में चल रहे मुकदमें पेशी पर वह नहीं आ रहा था। पुलिस उसकी अजीत हत्याकांड में तलाश में जुटी थी। कोर्ट ने धनराज हत्याकांड में पेशी पर न उपस्थित होने के चलते प्रदीप सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए जमानतदारों को नोटिस जारी कर दिया था। पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच चकमा देकर प्रदीप शनिवार को दीवानी न्यायालय पहुंच गया और अपने अधिवक्ता के माध्यम से खुद को समर्पण कर दिया।
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