लखनऊ के कठौता चौराहे पर जनवरी माह में हुई अजीत सिंह की हत्या में नामजद प्रदीप सिंह कबूतरा ने शनिवार को पुलिस को चमका देकर आजमगढ़ न्यायालय में समर्पण कर दिया। वह ट्रांसपोर्टर धनराज हत्याकांड में भी आरोपित है। इसी मामले में उसने समर्पण किया है।
वाराणसी के ट्रांसपोर्टर धनराज की 11 मई 2013 को तरवां थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। इसमें माफिया अखंड प्रताप सिंह के साथ प्रदीप सिंह कबूतरा भी नामजद था। इस मामले में उसे जमानत मिल गई थी। तभी से वह बाहर था।
इस बीच जनवरी में लखनऊ में पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या के मुख्य गवाह व मऊ के मोहम्मदाबाद के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इसमें ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू, अखंड प्रताप सिंह, गिरधारी विश्वकर्मा नामजद किए गए थे।
बाद में विवेचना में प्रदीप का भी नाम शामिल किया गया। तभी से वह अंडरग्राउंड हो गया था और दीवानी न्यायालय के कोर्ट नंबर एक में चल रहे धनराज हत्याकांड के मुकदमे में पेशी पर नहीं आ रहा था। इस पर कोर्ट ने प्रदीप सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए जमानतदारों को भी नोटिस जारी कर दिया था। दबाव बढ़ने पर प्रदीप पुलिस को चकमा देते हुए शनिवार को न्यायालय पहुंच गया और अपने अधिवक्ता के माध्यम से समर्पण कर दिया।