आजमगढ़। यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा सेक्टर मजिस्ट्रेटों की निगरानी में कराई जाएगी। मजिस्ट्रेट कॉलेजों का निरीक्षण कर बोर्ड को रिपोर्ट भेजेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार ने कहा कि कॉलेजों को प्रयोगशाला, आवश्यक उपकरण और सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। साथ ही विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे की रिपोर्ट भी मांगी गई है। जिस विद्यालय में छात्र अध्ययनरत होंगे, वहीं केंद्र बनाकर प्रयोगात्मक परीक्षाएं वॉयस रिकार्डिंग वाले कैमरे के सामने कराई जाएंगी।
जिले में इंटर मीडिएट के परीक्षार्थियों के प्रयोग की बात की जाए तो स्थिति काफी खराब है। कुछ ही विद्यालय ऐसे हैं जिनमें छात्रों के प्रयोगों पर ध्यान दिया जाता है। अब जबकि परीक्षा की घड़ी नजदीक आ गई है तो परीक्षार्थियों की चिंता भी बढ़ गई है। जिले में पहले चरण में 23 जनवरी से 31 जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं होनी है।