आजमगढ़। शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुरानी जेल के सामने स्थित भूमि में उपकेंद्र का निर्माण लगभग 50 लाख रुपये की लागत से कराया गया। काफी दिनों से बनने के बाद भी उपकेंद्र से विद्युत की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। लेकिन एक हफ्ते के अंदर ही इससे आपूर्ति शुरू करने की तैयारी में विभाग जुटा हुआ है। इसके शुरू होने के बाद मातनपुर फीडर पर पड़ रहा भार कम होगा।
नगर के क्षेत्र के कई इलाकों में मातनपुर फीडर से बिजली की आपूर्ति होती है। मातनपुर फीडर से ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की आपूर्ति होती है। जिसके कारण इस फीडर पर भार बहुत अधिक है। अक्सर इससे जुड़े इलाकों में किसी न किसी खराबी के कारण आपूर्ति बाधित रहती है। मातनपुर फीडर से भार को कम करने के लिए नगर क्षेत्र में एक उपकेंद्र की स्थापना का निर्णय लिया गया। इसके क्रम में पुरानी जेल के सामने खाली पड़ी भूमि पर लगभग 50 लाख रुपये की लागत से 33/11 केवीए के विद्युत उपकेंद्र का निर्माण विद्युत विभाग द्वारा कराया गया। उपकेंद्र लगभग पांच माह पूर्व ही बनकर तैयार हो गया। लेकिन कुछ काम शेष रह गए लाक डाउन के कारण अधूरे बचे कार्यों को पूरा नहीं किया जा सका। जिसके कारण इस उपकेंद्र से बिजली की आपूर्ति शुरू नहीं की जा सकी है। लेकिन विभाग द्वारा एक हफ्ते के अंदर इसे शुरू कराने की बात कही जा रही है।
ी
उपकेंद्र से इन क्षेत्रों में होगी बिजली की आपूर्ति
आजमगढ़। इस उपकेंद्र से बिजली की आपूर्ति शुरू होने के बाद मातनपुर फीडर से कुछ क्षेत्रों को अलग कर इससे जोड़ा जाएगा। ताकि इस फीडर से भार को कम किया जा सके। इसके तहत नगर के बवाली मोड़, पुरानी कोतवाली, कलेक्ट्रेट और डीएम आवास आदि क्षेत्रों को इससे जोड़ा जाएगा।
कुछ कार्य शेष बच गए थे जिसके कारण लाक डाउन से पहले इसका शुभारंभ नहीं हो सका। लेकिन अब लाकडाउन खुल गया है तो एक हफ्ते के अंदर अधूरे कार्यों को पूरा कर इसे शुरू कराया जाएगा। इसके शुरू होने से मातनपुर फीडर का भार कम होगा। - अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता