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Azamgarh News: 172 विद्यालयों के ऊपर से नहीं हटे बिजली के तार

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परिषदीय विद्यालय हमीदपुर में बाउंड्रीवाल से सट कर गई हाईटेंशन लाइन। संवाद
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जिले में 172 माध्यमिक और परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन और एलटी बिजली के तारों को निगम अभी तक नहीं हटा सका है। इससे छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
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मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है और निगम को पत्र जारी कर हटाने का निर्देश दिया है। जिले में बिजली निगम के सगड़ी, लालगंज, फूलपुर, कप्तानगंज, शहर और सठियांव डिवीजन क्षेत्र में 260 माध्यमिक व परिषदीय विद्यालय ऐसे चिह्नित किए गए थे, जिनके ऊपर से एलटी या हाईटेंशन बिजली के तार गुजर रहे थे।
इन तारों को हटाने के लिए शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद निगम ने विद्यालयों से तार हटाने का काम शुरू किया, लेकिन कार्य की धीमी गति के कारण अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी।
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बीते 31 जुलाई तक 88 विद्यालयों के ऊपर से ही बिजली के तार हटाए जा सके, जबकि 172 विद्यालयों में यह समस्या अभी भी बनी हुई है। विद्यालय भवनों के ऊपर से गुजर रहे तारों के कारण विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों में भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
खासकर बरसात के मौसम में बिजली के तारों से खतरा और बढ़ जाता है। कार्य की गति खराब पाए जाने पर शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। अपर मुख्य सचिव की ओर से बिजली निगम को पत्र जारी कर शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए सभी शेष 172 विद्यालयों के ऊपर से बिजली के तार हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
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विद्यालय के गेट पर टूटकर गिरा हाईटेंशन तार
अहरौला। क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय हमीदपुर में बुधवार को करीब एक बजे उस समय अफरातफरी मच गई, जब हाईटेंशन तार तेज आवाज के साथ टूटकर विद्यालय के गेट और बाउंड्रीवाल पर गिर गया। प्रभारी प्रधानाचार्य प्रमोद पांडेय ने बताया कि विद्यालय के ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तार आपस में टकराकर तेज आवाज कर रहे थे और लगातार शॉर्ट सर्किट हो रही थी। जिस समय तार टूटकर गिरा, उस समय 115 छात्र मौजूद थे, लेकिन संयोग रहा कि कोई हादसा नहीं हुआ। इसकी सूचना बिजली निगम और डायल 112 को दी गई। पुलिस तो तुरंत पहुंच गई, लेकिन निगम का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि शाम को चहारदीवारी से सटाकर खंभा लगाया है और एंगल लगाकर मात्र दो फुट दूसरी तरफ किया गया। तारों के नीचे सुरक्षा जाली लगाने की मांग की। संवाद
-वर्जन
शासन का निर्देश आया है, विद्यालयों के ऊपर से 31 अगस्त तक तारों को हटाने का निर्देश दिया गया है। विद्यालयों के ऊपर से तार हटाए भी जा रहे हैं। कुछ जगहों पर समस्या आ रही है क्योंकि जिनकी जमीन है, वे विरोध भी कर रहे हैं। इसके कारण जितनी जगह मिल रही, उतना ही तार विद्यालय से दूर हटाया जा रहा है। -आरके पांडेय, अधिशासी अभियंता बिजली निगम।
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हम लोग बिजली निगम से समन्वय स्थापित कर तारों को हटा रहे हैं। कुछ विद्यालयों पर स्थानीय स्तर पर कुछ समस्याएं आ रही हैं, उन्हें भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द विद्यालयों के ऊपर से तारों को हटाया जा सके। -राजीव पाठक, बीएसए
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