लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन की ओर से असहाय लोगों की सहायता करने वालों और अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया है कि डोर टू डोर ही जाकर राशन दिया जाए। इसके बाद भी इसका माखौल उड़ाया जा रहा है। पल्हना ब्लाक के एक गांव में राशन बांटने के लिए एक बसपा नेता की ओर से सभा का आयोजन कर दिया गया।
बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। और तो और ब्लाक के बीडीओ ने भी यहां मंच साझा किया और लोगों को संबोधित करते नजर आए। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने मामले की वीडियो वायरल होने पर बीडीओ को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही इसकी जांच एसडीएम मेंहनगर को सौंपी है। पुसिल को भी मामले में डिजास्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए जनपद में लाकडाउन चल रहा है। लाकडाउन के दौरान विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों, राजनीतिक दलों और लोगों की ओर से गरीब वर्ग के लोगों की मदद की जा रही है। लेकिन राशन वितरण के दौरान एक स्थान पर लोगों को एकत्र करने से सोशल डिस्टेसिंग और नियमों की धज्जियां उड़ रही है।
ऐसे मामले में पूर्व सांसद रमाकांत पर एफआईआर हो चुकी है। भाजपा नेता कृष्णमुरारी विश्वकर्मा को भी नोटिस जारी हो चुकी है। डीएम एनपी सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि संगठन हो या अधिकारी जरूरतमंदों और उसके घर पर राशन पहुंचाया जाए। इसके साथ ही राशन वितरण की फोटोग्राफी भी न की जाए। इसके बाद भी नियमों को माना नहीं जा रहा है।
पल्हना ब्लाक के कबूतरा गांव के पास बसपा नेता प्रदीप सिंह की ओर से राशन वितरण के लिए सभा का आयोजन कर दिया गया। इसमें खई नामी-गिरामी लोग शामिल रहे। बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के जनसभा को संबोधित किया गया। और तो और यहां पल्हना ब्लाक के बीडीओ सलीम अंसारी ने भी मंच सजा किया।
जनसभी की बीडीओ जिलाधिकारी एनपी सिंह के पास पहुंची तो उन्होंने बीडीओ को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। साथ ही स्पस्ष्कीरण भी तलब किया गया है। मामले की जांच एसडीएम मेंहनगर को सौंपी है। इसके साथ ही पुलिस को मामले में डिजास्टर एक्ट के तहत विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।