आजमगढ़। 22 अक्तूबर को कोर्ट में समर्पण करने वाले श्रीप्रकाश उर्फ मुन्ना यादव को रिमांड पर लेकर पुलिस एजेंसी मालिक की हत्या का राज जानना चाहती है कि आखिर किन परिस्थिति में उसकी हत्या की गई। इसके पीछे का मुख्य वजह क्या था। एसपी त्रिवेणी सिंह ने गुरुवार को कोतवाल देवगांव को निर्देश दिया कि मुन्ना को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करें। एसपी के निर्देश पर पुलिस रिमांड की तैयारी करने में जुट गई है।
कोतवाल देवगांव सुनील चंद तिवारी के मुताबिक जौनपुर के चंदवक थाना क्षेत्र के रहने वाले भूपेंद्र यादव की लालगंज बाजार में पूजा इंडेन गैस एजेंसी थी। नहर पर एजेंसी की आफिस और बहर की पटरी पर पश्चिम तरफ करीब डेढ़ किलोमीटर पर गोदाम था। आठ अप्रैल 2018 को गोदाम से लूट और आफिस में घुसकर बदमाशों ने भूपेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। जांच के दौरान मेंहनगर थाने के गंजोर गांव निवासी गुड्डू चौहान, प्रमोद यादव, श्रीप्रकाश उर्फ मुन्ना यादव और मेंहनगर थाने के गोपालपुर गांव निवासी राकेश पासी का नाम सामने आया। घटना का मुख्य साजिशकर्ता मुन्ना यादव को बताया गया। इसी के इशारे पर घटना को अंजाम दिया गया। इस मामले में गुड्डू और प्रमोद जेल में हैं जबकि राकेश पासी मुठभेड़ में ढेर हो गया। मुन्ना यादव काफी दिनों से फरार चल रहा था। पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते 22 अक्तूबर को मुन्ना ने सरेंडर कर दिया। अदालत ने उसे जेल भेज दिया। मुन्ना यादव पेशेवर बदमाश है। उसके विरुद्ध लूट, हत्या, हत्या के प्रयास सहित कुल विभिन्न थानों में 17 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि घटना का सच जानने के लिए मुन्ना यादव को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश कोतवाल देवगांव को दिया गया है।