महराजगंज कस्बे में शनिवार की शाम हुई सराफा कारोबारी राजेश
जायसवाल की हत्या और लूट की प्राथमिकी उसके पिता लल्लन जायसवाल ने रविवार
को दर्ज कराई।
बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस राजेश की दुकान और मकान में
लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाल रही है। तीन अहम बिंदुओं को प्रमुख मान शुरू
हुई जांच में शक के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
एएसपी
ग्रामीण सहित अन्य अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे थे। एएसपी ने उम्मीद जताया
कि बहुत जल्द हम बदमाशों के करीब होंगे।
एएसपी ग्रामीण सत्यार्थ
अनिरुद्ध पंकज के मुताबिक पैदल आ कर जिस तरीके से राजेश की हत्या की गई।
उससे यह नहीं लगता कि बदमाशों की मंशा लूट की रही हो। क्योंकि लुटेरों की
नजर माल पर होती है।
माल हथियाने के लिए वह फायर करते हैं। लेकिन राजेश के
जबड़े और सीने में गोली मारी गई। इससे शक है कि बदमाशों की कोई पुरानी
अदावत तो नहीं थी। राजेश आभूषण बेचने के साथ सूद का भी धंधा करता था।
पुलिस
का मानना है कि इस तरह के कारोबार में भी झगड़े होते हैं। इसके अलावा
व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता भी जांच का बिंदु है। बदमाशों की पहचान के लिए
पुलिस राजेश की दूकान और घर के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही।
बता दें कि
राजेश दूकान और घर के रास्ते पर भी कैमरा लगाया था। ताकि एक जगह बैठे,
दोनों जगहों का हाल मिलता रहे। पुलिस ने उन्हीं फुटेज के जरिए पूछताछ के
लिए दो लोगों से उठाया है।
एएसपी ग्रामीण ने बताया कि पिता की तहरीर के
आधार पर लूट और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। लेकिन लूट की घटना हजम
नहीं हो रही है। क्योंकि मृतक के पास मौजूद एक झोले में रखे रुपये आदि बच
गए थे।
दूसरे झोले में क्या था। किसी को नहीं मालूम।