अमिलो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने वाराणसी जा रहे कांग्रेस नेताओं को आजमगढ़ में नजरबंद कर दिया गया था। वहीं पीएम के जाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र के सठियांव ग्राम निवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह उर्फ मुन्ना राय को वाराणसी स्थित उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। वहीं, पूर्व प्रदेश सचिव राम अवध यादव को उनके रघुनाथपुर आवास पर बुधवार की रात से ही पुलिस ने नजरबंद कर रखा।
कांग्रेस नेताओं को घर में कैद रखने के पीछे उद्देश्य उन्हें विरोध-प्रदर्शन से रोकना था। राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश और देशभर में सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ने पुलिस की इस कार्रवाई को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया।
उन्होंने बताया कि उपाध्यक्ष दिनेश यादव, शहर अध्यक्ष रियाजुल हसन, पूर्व शहर अध्यक्ष नजम समीम, रानी की राय ब्लाक अध्यक्ष धर्मराज चौहान, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष मुरारी राय, फूलपुर के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष अनिल नरायन सिंह, जिला महासचिव पवई सूरज विश्वकर्मा सहित तमाम नेताओं को नजर बंद किया गया था।