ऐसे करते थे साइबर ठगी
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी फर्म बनाकर बैंक कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से करंट अकाउंट खुलवाते थे। भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर फर्म और बैंक खाते खुलवाए जाते थे। बाद में पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर अपने कब्जे में लेकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को इन खातों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर किया जाता था और आपस में बांट लिया जाता था।
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यह सामान हुआ बरामद
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से छह एटीएम/डेबिट कार्ड, कूटरचित मुहरें, फर्जी आधार, पैन और वोटर आईडी कार्ड, दो ब्लैंक चेक, एक विदेशी सिम कार्ड, चार मोबाइल फोन, विभिन्न पहचान पत्र, एक महिंद्रा थार और एक होंडा मोटरसाइकिल बरामद की है।