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Cyber Crime: अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के चार आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 10 लाख कराए गए फ्रीज

Tue, 16 Jun 2026 04:27 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: आजमगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही 10 लाख रुपये फ्रीज कराए। 
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चार आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान साइबर ठगी के जड़ में वार के तहत जिले की पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। साइबर सेल और अहरौला पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में इनके तार देशभर में दर्ज 448 साइबर शिकायतों से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 10 लाख रुपये की साइबर ठगी की धनराशि फ्रीज कराई है।

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क्या है पूरा मामला
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि समन्वय पोर्टल और तकनीकी जांच से अहम सुराग मिले। जांच में सामने आया कि फर्जी फर्मों ट्विनबिल्ड वेल और आरजे इन्फ्रा के नाम पर बैंक खाते खोलकर साइबर ठगी से अर्जित धनराशि का लेन-देन किया जा रहा था। साइबर सेल की वित्तीय जांच में इन खातों से जुड़े कुल 448 साइबर शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज मिलीं। 

एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि एक खाते में मात्र तीन दिनों के भीतर लगभग 40 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन पाया गया। समय रहते कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लगभग 10 लाख रुपये की धनराशि फ्रीज कराकर पीड़ितों की रकम सुरक्षित कराई। पुलिस ने समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर दुर्वासा मंदिर के पास घेराबंदी कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उनकी साइबर अपराध में संलिप्तता प्रमाणित होने पर थाना अहरौला में प्राथमिकी दर्ज किया गया। 
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गिरफ्तार आरोपितों में अहरौला थाना क्षेत्र के इटौरा निवासी सुधाकर, तहबरपुर थाना क्षेत्र के मखदूमपुर निवासी नितिन मिश्रा, अहरौला के शंभूपुर पुरा गहजी निवासी नवनीत सिंह और बाकरकोल निवासी सुमित सिंह शामिल हैं। पुलिस अन्य भागे हुए आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

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ऐसे करते थे साइबर ठगी 
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी फर्म बनाकर बैंक कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से करंट अकाउंट खुलवाते थे। भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर फर्म और बैंक खाते खुलवाए जाते थे। बाद में पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर अपने कब्जे में लेकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को इन खातों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर किया जाता था और आपस में बांट लिया जाता था।

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यह सामान हुआ बरामद 
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से छह एटीएम/डेबिट कार्ड, कूटरचित मुहरें, फर्जी आधार, पैन और वोटर आईडी कार्ड, दो ब्लैंक चेक, एक विदेशी सिम कार्ड, चार मोबाइल फोन, विभिन्न पहचान पत्र, एक महिंद्रा थार और एक होंडा मोटरसाइकिल बरामद की है।
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