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जहरीली शराब कांड: आजमगढ़ में दो दशक में 136 लोग गवां चुके हैं जान, कई इलाकों में अवैध रूप से बनाई जाती है शराब

Tue, 22 Feb 2022 12:30 AM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

देवारांचल क्षेत्र में कुटीर उद्योग का रूप धारण कर चुका कच्ची शराब का धंधा संबंधित विभाग और राजनैतिक संरक्षण के चलते फल-फूल रहा है।
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आजमगढ़ जहरीली शराब कांड। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ के अहरौला क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से दस लोगों की मौत की घटना नई नहीं है। इससे पहले भी चार बार हुए शराब कांड में कई लोगों की जान जा चुकी है। वर्ष 2002 में इरनी में हुई घटना में 11, वर्ष 2013 में मुबारकपुर में 53, वर्ष 2017 में सगड़ी क्षेत्र में 36 और 2021 में पवई में हुई घटना में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हो चुकी है।

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इन घटनाओं में कुल 122 लोगों की जान जा चुकी है।  अगर अहरौला क्षेत्र में हुई घटना में दस लोगों की मौत का आंकड़ा जोड़ दिया जाए तो मृतकों की संख्या 132 हो जाएगी। जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत की हर घटना के बाद पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग ने कुछ दिनों के लिए सख्ती की, लेकिन स्थिति फिर यथावत हो गई।

अगर पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस के साथ आबकारी विभाग भी सक्रिय रहता तो शायद अवैध शराब के धंधे पर रोक लगाई जा सकती थी। अहरौला क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से मौत की घटना की जानकारी आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सोमवार की सुबह तब हुई, जब क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में सात लोगों की मौत हो चुकी थी।
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जहरीली शराब पीने से बीमार 24 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। जिले में अब तक जितनी भी बड़ी शराब की बरामदगी या गिरफ्तारी हुई है, वह सभी नागरिक पुलिस के खाते में दर्ज है। देवारांचल क्षेत्र में कुटीर उद्योग का रूप धारण कर चुका कच्ची शराब का धंधा संबंधित विभाग और राजनैतिक संरक्षण के चलते फल-फूल रहा है।
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