आजमगढ़। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र में हुए किशोरी संग दुष्कर्म करने में असफल होने पर जान से मारने का प्रयास करने के दो आरोपी पर विशेष पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। बृहस्पतिवार को एक आरोपी को उम्र कैद की सजा सुनाई गई जबकि दूसरे के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली किशोर न्यायालय भेज दी गई। विशेष पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश रवीश कुमार अत्री ने सुनवाई कर सजा सुनाई।
फूलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी के साथ 10 जनवरी 2016 को ये घटना हुई थी। अभियोजन कथानक के अनुसार किशोरी घटना की शाम घर से शौच करने के लिए जा रही थी तभी उसके गांव के आदिल और अफसर ने उसे गलत नियत से पकड़ लिया। उसका दुपट्टा मुंह में ठूंस कर उसे पास के एक ईंट भट्ठे पर ले गए। दोनों आरोपियों ने किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सके। इस पर दोनों ने किशोरी को 25 फीट नीचे फेंक दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गई। किशोरी के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा परीक्षण के दौरान आरोपी अफसर के नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली को अलग कर दिया गया। अभियोजन पक्ष की तरह से अदालत में पीड़िता और उसके माता-पिता, डाक्टर सतीश गौतम, विवेचना अधिकारी लल्लू सिंह और रेडियोलाजिस्ट डा. राजेंद्र कुमार ने अपना पक्ष रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी आदिल को दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा के साथ 7000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं दूसरे आरोपी अफसर नाबालिग था, जिसके चलते उसकी पत्रावली किशोर न्यायालय भेज दी गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता आनंद सिंह, अभियोजन अधिकारी मानिक चंद ने पैरवी की।