आजमगढ़। प्रधानमंत्री का मंदुरी में पूर्वांचल एक्सप्रेस के शिलान्यास के लिए आना तो तय माना जा रहा है, लेकिन तारीख को लेकर अभी भी संशय है। सूत्रों की माने को प्रधानमंत्री एक ही दिन वाराणसी और आजमगढ़ दोनों जनपदों में आएंगे।
भाजपा रणनीतिकारों का मानना है कि वाराणसी में इतने बड़े हादसे के बाद वे आजमगढ़ आकर लौट जाएं तो विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता है। इसलिए दोनों जनपदों में एक ही दिन कार्यक्रम तय होगा। जिलाधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पीएम 26 से 30 तक किसी भी दिन आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने पूर्वांचल एक्सप्रेस का शिलान्यास आजमगढ़ से करने के लिए प्रधानमंत्री से समय मांगा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसके लिए हामी भर दी थी। अमर मुख्य कार्यपालक आर गोडबोले में जनपदीय अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए स्थलों का निरीक्षण भी किया था।
पहले 26 या 27 मई में किसी एक दिन प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की संभावना जता कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई।
इधर पिछले मंगलवार को वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के पास अभी निर्माणीधीन ओवरब्रिज की बिम गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे। इसलिए प्रधानमंत्री का वहां जाना भी जरूरी है।
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी के पड़ोसी जिले आजमगढ़ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर लौट जाते तो एक गलत संदेश जाएगा। विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता था।
इसलिए दोनों जनपदों में एक ही दिन प्रधानमंत्री का कार्यक्रम तय होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि पीएम आजमगढ़ में जहां सिक्सलेन के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सौगात देंगे और नहीं वाराणसी पहुंचकर प्रभावितों के जख्मों पर मरहम भी लगाएंगे।
जिलाधिकारी शिवांकात द्विवेदी ने इस बात की पुष्टि की है कि पीएम का आना तो तय है। वाराणसी में उनका कार्यक्रम संभावित है। वो 26 से 30 तक किसी भी दिन आ सकते हैं। फिलहाल कार्यक्रम की डेट अभी नहीं मिली है।