सगड़ी। लगभग दो एकड़ कृषि भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से हुई थी तो आरोपियों ने रातोंरात ट्रैक्टर लगाकर जमीन की जुताई शुरू कर दी। जानकारी मिलने पर डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन बुधवार सुबह मामले की जांच को पहुंचे।
जांच के दौरान साक्ष्य मिटाने के मामले की पुष्टि हुई। इस दौरान बिना जांच के ही बैनामा करने पर एडीएम प्रशासन की एआईजी स्टांप से नोकझोंक भी हुई। सब रजिस्ट्रार कार्यालय से पिछले 10 वर्षों के दौरान आरोपी लोगों की ओर से खरीदी गई और बेची गई जमीन का रिकार्ड तलब किया गया है।
सगडी तहसील क्षेत्र के खानका बहरामपुर राजस्व ग्राम के वार्ड जामेतुल बनात में लगभग दो एकड़ कृषि भूमि का बैनामा विनय श्रीवास्तव, शहाबुद्दीन और नईम के नाम से हुआ था। इस जमीन में प्लाटिंग कर अब तक चार बैनामे आवासीय प्लाट के रूप में हुए हैं।
जीयनपुर के ही भानुप्रताप यादव ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि कृषि भूमि का आवासीय प्लाट के रूप में बैनामा कर स्टांप चोरी किया गया है। शिकायत के बाद आरोपियों की ओर से सुबूत मिटाने के लिए प्लाटों की जुताई शुरू करा दी गई।
जानकारी पर एआईजी स्टांप राजेन्द्र सिंह यादव के मौके पर पहुंचने से पहले आरोपी जा चुके थे। एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी बुधवार को मामले की जांच को मौके पर पहुंचे। इस दौरान बिना जांच के बैनामा करने को लेकर उनकी राजेन्द्र सिंह यादव से नोकझोंक हो गई।
तहसीलदार मनोज कुमार ने किसी तरह से शांत कराया। अपर जिलाधिकारी ने तथ्यों की जांच की और शिकायतकर्ता, विक्रेता आदि से जानकारी ली। कहा कि नगर क्षेत्र में प्लाटिंग की जा रही है, लेकिन जिला पंचायत और नगर पंचायत से इसकी अनुमति नहीं ली गई है।
फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जिस तरह से सबूत मिटाने का प्रयास किया गया वो गलत है।सब रजिस्ट्रार कार्यालय से पिछले 10 वर्षों में इन लोगों की ओर से खरीदे गए और बेचे गए जमीनों के कागजात तलब किए गए हैं। -लवकुश त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन