महराजगंज। जिले के परतावल बीआरसी के अंतर्गत प्राथमिक स्कूल भौसगरा में बर्खास्त सहायक अध्यापक बिंदु यादव की याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है।सदर कोतवाली में बीईओ परतावल मुसाफिर पटेल ने उनके विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार, बरमादपुर, जोकहरा, रौनापार, आजमगढ़ निवासी बिंदु यादव प्राथमिक स्कूल भौसगरा में सहायक अध्यापक के रूप में वर्ष 2014 में तैनात हुई थीं। इन्होंने 2013 की परीक्षा में जो टीचर सर्टिफिकेट (शिशु शिक्षा) प्रस्तुत कर नौकरी प्राप्त की थी। जुलाई 2017 इनके खिलाफ शिकायत मिली कि सर्टिफिकेट मानक नहीं पूरा करता जिस आधार पर इनकी तैनाती हो गई है। जांच में तत्कालीन बीएसए ने मामला सही पाया और 30-8-2017 को बर्खास्त कर दिया, लेकिन शिक्षिका ने इसके खिलाफ रिट याचिका हाईकोर्ट में दाखिला कर दी।
इसके अलावा 10 अन्य जनपद के शिक्षकों का मामला माला यादव व 10 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मुकदमा चलाना स्वीकार करते हुए विभाग को इनका वेतन जारी रखने के लिए आदेश निर्गत कर दिया था। 16 फरवरी तक विभाग इस आदेश के कारण शिक्षिका का वेतन जारी करता रहा। उल्लेखित तिथि को हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी को सही मानते हुए इन सभी की याचिकाओं को खारिज कर दिया।
साथ ही निर्देश दिया कि 30 अगस्त 2017 से जब तत्कालीन बीएसए ने बर्खास्तगी की थी उसी दिन से इन्हें नौकरी से बाहर माना जाए। इन दिनों फर्जी शिक्षकों का मामला पकड़े जाने पर गर्म हो गया है। ऐसे में बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर सदर कोतवाली में विभिन्न धाराओं में अभियोग पिछले दिनों दर्ज कर लिया। कोतवाल सत्येंद्र राय ने केस दर्ज कर विवेचना प्रारंभ करने की पुष्टि की।
इनपर पहले ही दर्ज हो चुका है केस
राजकुमार यादव, प्राथमिक विद्यालय धनगडा, परतावल, दिनेश चंद्र, बैजौली परतावल ब्लॉक, सुमन यादव प्राथमिक विद्यालय पड़री, सैय्यद अली, निवासी तिवारीपुर, गोरखपुर, अरविंद कुमार यादव निवासी खोराबार गोरखपुर, कन्हैया लाल यादव निवासी लक्ष्मीपुर यादव टोला गोरखपुर, रतन कुमार पांडेय निवासी परतावल वेदानंद यादव निवासी डुमरी खास, चौरीचौरा खास, गोरखपुर, अजय प्रताप चौधरी पुत्र सिविल लाइन गांधी नगर, जेल रोड बस्ती, जय प्रकाश पांडेय, उस्मान गनी, सरिता, बृजेश और जग तारिणी राय पर केस दर्ज हो चुका है।