ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकरण कराने के बाद शहर में संचालित हो रहे ऑटो पर की जा रही कार्रवाई से ऑटो चालकों में हड़कंप मच गया है। ऑटो रिक्शा चालक समिति ने शनिवार को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर इस पर रोक लगाने की मांग की है।
समिति के अध्यक्ष कृपाशंकर पाठक ने कहा कि वर्तमान में परमिट व्यवस्था लागू करने से पूर्व इस बात का ध्यान नहीं रखा गया कि 16 किमी परिधि में ऑटो चालकों की परमिट जारी है। पूरे जिले को 48 केंद्रों में बांटा गया है लेकिन उसका विधिवत परिसीमन नहीं कराया गया।
टीएसआई या पुलिस विभाग की तरफ से ऑटो चालकों का चालान कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। हमारी मांग है कि परमिट के नाम पर चालान और उत्पीड़न बंद किया जाए। ऑटो रिक्शा के 16 किमी परिधि का परमिट तय करना सुनिश्चित किया जाए जो केंद्र से 16 किमी की परिधि में हों। आरटीओ द्वारा परमिट के केंद्र सुनिश्चित स्थानों पर स्टैंड का बोर्ड लगाकर उसे विकसित किया जाए, जहां से आना-जाना सुनिश्चित हो सके।
शहर के परमिट धारकों को सभी 16 किमी की परिधि में आने जाने पर रोक न लगाई जाए। पूर्व में दिए गए परमिट को आदेशानुसार निरस्त कर निवास प्रमाणपत्रों के आधार पर उसके क्षेत्र की परमिट जारी किया जाए। 14 नवंबर 1991 को यातायात कमेटी द्वारा लिए गए निर्णय को लागू किया जाए।
केंद्र विकसित करने के बाद ही चेकिंग की जाए। उन्होंने कहा कि यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो संगठन 20 जनवरी को हड़ताल आदि करने को बाध्य होगा। इस मौके पर प्रभुनारायण पांडेय प्रेमी, छोटेलाल, वीरेंद्र यादव, अनिल तिवारी, हलधर दुबे, मुकेश, संतोष, जुबेर, शाहिद, दिलीप, गगन, कोमल आदि उपस्थित थे।