सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के पास मीना में हज के दौरान शैतान को पत्थर मारते समय मची भगदड़ की सूचना ने जायरीन के परिवारवालों के होश उड़ा दिए। हज पर गए लोगों के नात, रिश्तेदार हाल जानने को लेकर बेचैन दिखे। घंटों प्रयास के बाद संपर्क जायरीनों के सुरक्षित होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
वहीं, कुछ लोगों का अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है। हज ट्रेनर मो. सलीम अहमद की माने तो जिले के जायरीन सुरक्षित हैं। किसी के हताहत की सूचना नहीं मिली है। बता दें कि आजमगढ़ जिले के करीब छह सौ लोग हज करने के लिए मक्का गए हुए हैं। इनमें से करीब ढाई सौ महिलाएं शामिल हैं। हज पर जाने वालों में सबसे अधिक सरायमीर क्षेत्र के ढाई सौ लोग, मुबारकपुर के 150 जायरीन हैं।
शेष जिले के अन्य क्षेत्रों के लोग हैं। तकिया मुहल्ला निवासी मो. अनफ ने बताया कि उनके पिता मो. आरिफ और मां रोशनआरा हज पर गए हैं। गुरुवार की दोपहर करीब दो बजे मक्का में भगदड़ होने की जानकारी हुई तो माता-पिता से संपर्क करने में जुट गए। करीब ढाई घंटे बाद बात होने पर उन्हें चैन आया। बदरका मुहल्ला निवासी मो. तलहा ने बताया कि काफी कोशिश के बाद पिता मो. यूनूस से उनकी बात हुई।
जिस वक्त यह घटना हुई उस समय उनके पिता काफी दूर थे। तलहा का कहना है कि उसके मुहल्ले के रहने वाले मो. मून्नू टेलर और मो. मुनव्वर भी हज पर गए हैं, लेकिन उन लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। वहीं मुबारकपुर नगर पालिकाध्यक्ष डा. मो. शमीम और उनकी पत्नी नजमुशहर, चौक मुहल्ला निवासी अटैची विक्रेता मो. आमिर के पिता भी मक्का हज करने गए हैं। लेकिन संपर्क होने पर इन लोगों ने भी कुशल से होने की बात कही।
हज ट्रेनर मो. सलीम अहमद ने बताया कि घटना के बाद उनके यहां जायरीनों के घर वालों का फोन आने लगा। जिले के सभी लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है।