आजमगढ़। पटाखा बुलेट बाइकों के शोर से शहर में बच्चे, बुजुर्ग सहित आम लोग परेशान हैं। इसके बावजूद पुलिस और परिवहन विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। कहने के लिए शहर के तिराहे और चौराहे पर तैनात हैं, लेकिन उनका भी ध्यान हेलमेट पर ही ज्यादा रहता है।
नई बुलेट खरीदने के बाद युवा उसे बाइक मिस्त्री के पास ले जा रहे हैं। वहां उसका साइलेंसर बदलवा रहे हैं। बुलेट के दोनों ओर दो बड़े-बड़े प्रेशर हॉर्न लगवाए जा रहे हैं।
यह सब काम पंजीकरण से पहले करवाए जा रहे हैं। उससे शहर और देहात की गलियों बुलेट के साइलेंसर से पटाखे जैसे आवाज छोड़ना, तेज गूंज की आवाज को युवा अपनी शान समझ रहे हैं। यह तेज आवाज लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। शहर में जो पटाखा बुलेट घूम रही हैं उनसे आम जनता काफी परेशान हो रही है।
चौराहों पर पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवान भी वाहनों की जांच के लिए खड़े रहते हैं, लेकिन पटाखा बुलेटों के खिलाफ किसी प्रकार अभियान न चलने पर उनके हाथ भी बंधे होते हैं। एआरटीओ की ओर से भी मोडिफाई की गईं इन पटाखा बुलेटों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।