जेल की हिंसक घटनाओं को देखते हुए सरकार बंदियों के लिए सुविधा बढ़ाने में जुटी है। नई योजना के तहत जेल में पीसीओ लगाना शामिल है। शासन के निर्देश पर जिला कारागार प्रशासन अपनी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज भी चुका है।
इस व्यवस्था को शुरू करने के पीछे मकसद बंदी परिवार के सदस्यों से वार्ता कर सकेंगे। इसके जरिए मुकदमे की पैरवी आदि की जानकारी मिल सकेगी। डिप्टी जेलर और प्रभारी जेलर एके झा ने बताया कि बंदी अपने घर परिवार से कट जाता है। ऐसे में बंदी बेचैन रहते हैं।
मानसिक तनाव के चलते यह लोग छोटी-छोटी बातों पर उग्र हो जाते हैं। सरकार ने प्रत्येक जेलों में पीसीओ खोलने की योजना तैयार की है। जेल के भीतर से बाहर फोन करनेवालों का पूरा रिकार्ड मौजूद रहेगा। बंदियों को फोन की सुविधा मिल जाएगी तो कोई चोरी से जेल में फोन ले जाने का रिस्क नहीं लेगा। मोबाइल रखने वालों से निपटने के लिए जिला कारागार में जैमर लगाने का भी प्रस्ताव है।