जनपद में आए दिन हो रही अगलगी की घटनाओं के बाद मुआवजा वितरण में प्रशासन की बेरुखी आपदा पीड़ितों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। 'अमर उजाला' ने '14 अप्रैल' के अंक में पेज दो पर 'अगलगी की हकीकत से बेखबर है जिला प्रशासन' शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इस पर जिला प्रशासन हरकत में आया। गुरुवार को जिलाधिकारी ने कैंप कार्यालय में बैठक बुलाई। उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिया कि जिस व्यक्ति का जितना नुकसान हुआ है उसे दो दिन के अंदर भुगतान करें।
उन्होंने मृतक के आश्रितों को चार लाख और मकान, बर्तन और कपड़े के नुकसान पर तत्काल अनुमन्य सहायता राशि देने का निर्देश दिया। मुआवजा देने में किसी भी प्रकार की ढिलाई और विलंब नहीं होना चाहिए। फसल के हुए नुकसान पर सचिव मंडी को निर्देश दिया कि दो दिन में मुआवजा देकर अवगत कराएं। उन्होंने सीएफओ को निर्देशित किया कि महराजगंज थाना क्षेत्र में एक अग्निशमन वाहन स्थायी रूप से तैनात करें।
जनपद के 38 गांवों में अग्निकांड से प्रभावित 107 किसानों को 18 लाख 35 हजार 2 सौ रुपया देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने 27 लाख रुपये तहसीलों को भेजने का निर्देश दिया। मौके पर एडीएम वित्त बृजेश कुमार सहित तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।