जिला मुख्यालय पर हथिया गांव के सामने बनने वाले पुल के निर्माण का रास्ता
साफ हो गया।
पुल की डिजाइन में किए गए बदलाव का परीक्षण करने के लिए लखनऊ
से एक टीम शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंची। टीम ने गहनता से जांच की।
बता
दें कि सूबे में सपा सरकार बनने के बाद पहली बार 9 अक्तूबर 12 को आजमगढ़
आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हथिया गांव को नगर से जोड़ने वाले इस पुल के
निर्माण की घोषणा की थी।
साथ ही छह करोड़ रुपये जारी भी कर दिए थे। इस
राशि से 133 मीटर लंबे पुल का निर्माण होना था। जुलाई 2013 में निर्माण
शुरू भी हो गया पर काश्तकार मुआवजे के िलए कोर्ट चले गए ।
बाद में
पीडब्ल्यूडी ने काश्तकारों को मुआवजा देकर जमीन की रजिस्ट्री कराई। इसके
बाद विभाग ने हथिया की तरफ से पुल के एक पाये को कम कर दूसरी तरफ लगाने का
प्रस्ताव किया।
इसकी जांच के लिए शनिवार को एक टीम मौके पर पहुंची और
प्रस्ताव की गहनता से जांच की। सेतु निगम के डीपीएम एनकेे तिवारी ने बताया
कि पीडब्ल्यूडी के प्रस्ताव की जांच मुख्य परियोजना प्रबंधक गोरखपुर एपी
गर्ग, लखनऊ सेतु निगम के उप परियोजना
प्रबंधक डिजाइन योगेंद्र कुमार,
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-पांच केे अधिशासी अभियंता अभिनेश कुमार और मैने
खुद की है।
काश्तकारों को मुआवजा दे कर जमीन की रजिस्ट्री भी
हो गई है। अब कोर्ट में हलफनामा दाखिल करना शेष है। जल्द ही निर्माण का
कार्य शुरू कर दिया जाएगा।