कॉर्डियोलॉजिस्ट न होने से रोज रेफर हो रहे दो से तीन मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। मंडलीय अस्पताल में लंबे समय से चेस्ट एवं कॉर्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में सर्दी के सख्त रुख के कारण हृदय रोगियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। अस्पताल में हर रोज 10 से 12 मरीज सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही इन मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। इनमें से दो से तीन मरीज हृदय रोग के होते हैं। इन्हें रेफर किया जाता है। सर्दी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में न्यूनतम तापमान पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है।
सुबह और रात में तेज ठंड का अहसास होने लगा है। मौसम में ठंड के कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ गया है। वैसे तो अस्पताल में हर समय मरीज आते हैं लेकिन ठंड बढ़ते ही इनकी संख्या बढ़ जाती है। इस समय मंडलीय अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 मरीज सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनकी जब ईसीजी आदि जांच कराई जा रही है तो इसमें दो से तीन मरीज हार्ट अटैक के मिल रहे हैं। जिन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। चिकित्सकों की मानें तो सर्दियों में शरीर की रक्त की धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे उसके अंदर खून के सुचारू प्रवाह में व्यवधान हो जाता है। इससे हृदय को ब्लड पंप में समस्या होती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। बढ़ा ब्लड प्रेशर हार्ट की मांसपेशियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल देता है। इससे सीने में दर्द बढ़ जाता है। सीने में दर्द को एनजाइना कहते हैं। यह हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकता है।
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बचाव के लिए बरतें सावधानी
- गरम कपड़े पहने और शरीर को ढंककर रखें, कैप का प्रयोग करें।
- मौसम को देखते हुए मॉर्निंग वॉक पर न निकलें।
- सीने में दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का सेवन न करें।
- बाएं साइड में होने वाले दर्द को नजर अंदाज न करें।
- चिकनाई वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- हरे पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग करें।
- देर रात तक न जागें और पर्याप्त नींद लें।
- सुबह के समय हल्की एक्सरसाइज करें।
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ठंड में एक दिन में 2 से 3 हार्ट अटैक के मरीज आ रहे हैं। सीने में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मंडलीय अस्पताल में ऐसे मरीजों की ओपीडी में भीड़ बढ़ रही है। ईसीजी के 21 से 22 मरीज आ रहे हैं। पहले 7 से 8 मरीज आते थे लेकिन, मंडलीय अस्पताल में हृदय रोग स्पेशलिस्ट न होने से हार्ट ब्लॉक के 2 से 3 मरीज रोज रेफर हो जाते हैं।
- डॉ. अनिलेश कुमार यादव