रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की मनमानी और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी का मामला सामने आया है। दिल्ली से चलकर आजमगढ़ पहुंची कैफियात एक्सप्रेस को प्लेटफार्म नंबर दो पर सफाई के लिए खड़ा किया गया था। ट्रेन के बाहर स्पष्ट रूप से बोर्ड लगा था, जिस पर लिखा था- सफाई का कार्य प्रगति पर है, कृपया प्रवेश न करें। इसके बावजूद कुछ यात्री आपातकालीन खिड़की के रास्ते ट्रेन के अंदर पहुंचकर सीटों पर बैठ गए। जिस समय यात्री ट्रेन में प्रवेश कर रहे थे, उस दौरान प्लेटफार्म पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौजूद थे। संवाद न्यूज एजेंसी के रिपोर्टर का कैमरा पहुंचने के बाद रेलवे कर्मचारियों के साथ आरपीएफ और जीआरपी के जवान यात्रियों को ट्रेन से बाहर निकालने लगे। यात्रियों के अनुसार, कैफियात एक्सप्रेस के आजमगढ़ स्टेशन पर सफाई के लिए खड़े होने के दौरान अक्सर यात्री जनरल बोगियों में जाकर बैठ जाते हैं। इससे सफाई कर्मचारियों को काम करने में परेशानी होती है। सफाई पूरी होने से पहले यात्रियों के प्रवेश से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बोर्ड लगाने के बाद भी नहीं रुकते यात्री
ट्रेन के बाहर यात्रियों को रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाया जाता है, लेकिन इसके बावजूद उसका पालन नहीं कराया जा रहा है। आपातकालीन खिड़की से यात्रियों का ट्रेन में प्रवेश करना प्रतिबंधित अवधि में निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे में आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद यात्रियों को अंदर जाने से नहीं रोक पाना व्यवस्था की खामी को उजागर करता है।
वर्जन
सफाई के दौरान कैफियात एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ी रहती है। इस दौरान ट्रेन को लॉक रखा जाता है और किसी को अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं होती। सफाई पूरी होने के बाद ही यात्रियों को प्रवेश दिया जाता है। सुरक्षा के लिए जांच-पड़ताल भी की जाती है। प्रयास रहता है कि कोई व्यक्ति समय से पहले ट्रेन में प्रवेश न कर सके।
- अभय राय, थाना प्रभारी, आरपीएफ आजमगढ़