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आजमगढ़ में जहरीली शराब से मचा कोहराम, अब तक 22 की मौत, कई की हालत गंभीर

Wed, 12 May 2021 10:09 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के के मित्तूपुर बाजार में हुए जहरीली शराब कांड में मौत का सिलसिला अभी जारी है। मंगलवार की रात से बुधवार की सुबह तक एक-एक कर पांच लोगों ने दम तोड़ दिया। अब तक कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है। 
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पवई के मित्तूपुर बाजार में हुई घटना से मचा हुआ है कोहराम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के के मित्तूपुर बाजार में हुए जहरीली शराब कांड में मौत का सिलसिला अभी जारी है। मंगलवार की रात से बुधवार की सुबह तक एक-एक कर पांच लोगों ने दम तोड़ दिया। अब तक कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं आधा दर्जन से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे है। दो की हालत काफी गंभीर बतायी जा रही है।
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 मित्तूपुर पुलिस चौकी के पास ही एक अवैध शराब कारोबारी द्वारा कोरोना कर्फ्यू के दौरान अवैध शराब की बिक्री की जा रही थी। शराब की बिक्री पुलिस की शह पर हो रही थी। शराब की दुकानों के बंद रहने के चलते लोग इस अवैध कारोबारी से शराब खरीद कर पी भी रहे थे। जिसे पीने से रविवार की शाम से लोगों के बीमार पड़ने और सोमवार से मरने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह बुधवार को भी नहीं रूका।

मंगलवर की रात से बुधवार की सुबह तक पांच और लोगों ने दम तोड़ दिया। मरने वालों में मित्तूपुर निवासी 28 वर्षीय पप्पू खटिक पुत्र सीताराम खटिक ने बुधवार की सुबह दम तोड़ दिया। वहीं रामपुर मित्तूपुर निवासी 45 वर्षीय राम प्यारे पुत्र प्रभु की भी बुधवार की सुबह ही मौत हो गई। इसके अलावा राम प्रवेश तिवारी पुत्र इंद्रबली निवासी मोहिद्दीनपुर ने मंगलवार की देर रात घर पर ही दम तोड़ दिया।
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पांच लोगों की अंबेडकरनगर में भी मौत

55 वर्षीय हीरालाल पुत्र हुर्जुन निवासी दावनपार व राजेंद्र पुत्र श्रीराम निवासी मैनुद्दीनपुर की भी जहरीली शराब के सेवन से मौत हो गई। जहरीली शराब कांड में पांच और मौत से जिले में मरने वालों की संख्या 17 से बढ़ कर 22 पर पहुंच गई है। वहीं पांच लोगों की अंबेडकरनगर में भी मौत हुई है। मौत के सिलसिले पर विराम न लगने से मित्तूपुर व आसपास के ग्रामों में अभी भी हड़कंप मचा हुआ है।

पुलिस दोषियों पर कार्रवाई करने और बीमार लोगों को इलाज की व्यवस्था कराने के बजाए घटना को ही दबाने की कवायद में जुटी नजर हुई है। कहने को तो पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर फोर्स की तैनाती है, लेकिन राहत व बचाव का कोई भी कार्य अब तक क्षेत्र में नहीं शुरू किया जा सकता है। वहीं दो गंभीर रामफल व रवि की हालत और ज्यादा खराब हो गई है। इनके अलावा भी आधा दर्जन भर लोग विभिन्न अस्पतालों में जीवन मौत से संघर्ष कर रहे है। 
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