वहीं, निजामाबाद तहसील क्षेत्र के मुहम्मदपुर ब्लाक के क्यामुद्दीन पट्टी परसहां गांव में लगभग 8000 की आबादी है. इस गांव में पिछले एक महीने से लगातार हो रही मौत से दहशत है। गांव में 29 संदिग्ध मरीजों की मौत हो चुकी है। गांव की गलियां एकदम सूनी एवं वीरान पड़ी हुई हैं। 50 से अधिक ग्रामीण सर्दी, जुखाम, बुखार, सिर दर्द, सीने में दर्द से पीड़ित हैं। गांव के लोगों का कहना है कि सरकारी सुविधा ना के बराबर मिली है। लोग प्राइवेट डॉक्टर के यहां अपना इलाज कर रहे हैं।
मृतकों में 15 वर्ष से लेकर 70 वर्ष के उम्र तक के लोग हैं। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान कहकशां के पति बेलाल अहमद ने बताया कि गांव में अभी तक ना कोई जांच टीम पहुंची है ना ही ब्लॉक की तरफ से गांव वालों को किसी प्रकार का सरकारी सुविधा मुहैया कराई गई है। प्रधान पति ने बताया कि ग्राम प्रधान निर्वाचित होते ही मैंने अपने गांव के हर गली मोहल्ले को सैनिटाइज कराया. दूसरी बार भी सैनिटाइजेशन का कार्य एक दो दिन में दोबारा शुरू कर दिया जाएगा.
गांव के नरसिंह यादव ने बताया कि लगातार हो रही मौतों के कारण लोग एक दूसरे से मिलना जुलना तक बंद कर दिए हैं। दूसरे के घर आना जाना छोड़ दिए हैं और डर के साए में जीवन जी रहे हैं। मरने वालों में इजहार 70 वर्ष, रेहाना 59 वर्ष, संजाफी 65 वर्ष, रामसकल 60 वर्ष, सफक 16 वर्ष, फूटूर 50 वर्ष, इतवारी 70, गोपाल 55, चंद्रपति 50, सरफुद्दीन 60, सगीर 65, रूमीना 50, सलाहुद्दीन 70, सैयदा 70, दुबई 70, इकलाख 65, रामकेस 60, बनवारी 68, लक्ष्मीना 45, सुल्ताना 86, नोतकी 60, लालसा सिंह की पत्नी 67 वर्ष, राजकुमारी 56, गणपत मौर्य 65, ताहिर 35 सहित 29 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। इस संबंध में पूछे जाने पर एसडीएम निजामाबाद राजीव रतन सिंह ने लोगों की मौत को ही फर्जी बताया. उन्होंने खबर न चलाने की बात भी कहते हुए इसे दिखवाने की बात कही।