नगर के सिधारी स्थित एक होटल में रविवार को आजमगढ़ फाइन आर्ट सेंटर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने किया। उन्होंने महिला कलाकारों द्वारा प्रदर्शित की गई कृतियों को देखा। अपनी और कैफी आजमी की पेंटिंग को देख शबाना भावुक हो गईं और उसे एकटक अपने अब्बू को देखती रही।
उन्होंने कहा कि जिले की महिलाओं द्वारा अपने विचारों को कैनवास पर जिस आकर्षक तरीके से उकेरा गया, वह काबिलेतारीफ है। कहा कि महिलाएं बहुत कुछ कर सकती हैं। बाल कलाकार साक्षी पांडेय की कलाकृति से प्रभावित होकर उन्होंने साक्षी को मेजवां आमंत्रित किया। अपर आयुक्त अनिल कुमार मिश्र ने भी कलाकारों को सराहा।
आजमगढ़ की संस्कृति पर लगी चित्रों की जानकारी ली। अतिथियों का स्वागत दयाशंकर सिंह ने किया। मौके पर डॉ. दुर्गा प्रसाद अस्थाना, डॉ. कौशलेंद्र मिश्र, एकता सिंह, अशोक गौर, डॉ. अशोक श्रीवास्तव, सिद्धार्थ सिंह, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, विश्वजीत सिंह पालीवाल, पूनम, शैलेंद्र सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, राधा मोहन आदि मौजूद रहे।
प्रदर्शनी में दिखी संस्कृति : आजमगढ़। चित्रकला
प्रदर्शनी में आजमगढ़ फाइन आर्ट सेंटर की 23 महिला कलाकारों द्वारा निर्मित
65 कृतियों को प्रदर्शित किया गया। इसमें शिव की जटाओं पर चंद्रमा ऋषि को
आधुनिक कला में कैनवास पर अंकिता सिन्हा ने उकेरा। वहीं, मधुबनी शैली में
दत्तात्रेय ऋषि को श्वेता एवं दुर्वासा ऋषि को दीपशिखा ने प्रदर्शित किया
है।
दुर्वासा ऋषि को शकुंतला प्रसंग के साथ बड़े रोचक ढंग से पेटिंग में
दिखाया गया है। सदफ बेग ने अल्लामा शिब्ली नोमानी एवं सृष्टि तिवारी ने
राहुल सांकृत्यायन के व्यक्तित्व को प्रस्तुत किया। अयोध्या सिंह उपाध्याय
हरिऔध के जीवन पर सलोनी अग्रवाल एवं बनारस गायकी के मुख्य गायक छन्नूलाल
मिश्र को जया गौड़ ने दर्शकों के सामने रखा।
अंकिता की 'बर्तन बनाते
कुंभकार और बर्तनों को सहेजती घर की महिलाओं को पेटिंग में निजामाबाद की
ब्लैक पाटरी की कला को दिखाया गया। सेंटर की निदेशिका डा. लीना मिश्रा ने
बताया कि प्रदर्शनी में यूरोपियन, पोट्रेट, माडर्न, लैंडस्केप एवं विभिन्न
प्रकार की पेटेंड बेडसीट का भी प्रदर्शन किया गया है।