आजमगढ़। दीपावली की छुट्टी खत्म होने के बाद सोमवार को किसानों से धान क्रय के लिए केंद्र तो खुले लेकिन किसी भी केंद्र पर धान की बोहनी नहीं हुई। वहीं, अधिकांश केंद्रों पर किसानों के बैठने व पानी की व्यवस्था नदारद दिखी। यही हाल रहा तो आगे किसानों के लिए समस्या होगी।
जिले में किसानों से धान खरीद के लिए खाद्य विभाग, पीसीएफ व भारतीय खाद्य निगम के कुल 68 क्रय केंद्र खोले गए हैं। 55 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का शासन से लक्ष्य दिया गया है। इस बार समर्थन मूल्य में 117 रुपये की वृद्धि हुई है। सामान्य धान 2300 रुपये और ए ग्रेड के धान 2320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। अब तक 4800 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीकरण कराया है। एक नवंबर से धान की खरीद शुरू होनी थी लेकिन दीपावली की छुट्टी होने के कारण चार नवंबर से क्रय केंद्र खुले। फूलपुर, जहानागंज, पवई, महाराजगंज, सरायमीर, अहरौला, बूढ़नपुर में पहले दिन क्रय केंद्र तो खुले रहे लेकिन किसी भी क्रय केंद्र पर धान की बोहनी नहीं हो सकी। जो भी किसान आए केवल पंजीकरण कराकर चले गए। क्रय केंद्रों पर बैनर, कांटा, डस्टर, नमी मापक यंत्र, बोरा, तिरपाल, किसानों के बैठने और पानी आदि की व्यवस्था जरूरी है। सोमवार को जब केंद्रों की पड़ताल हुई तो केंद्र खुले मिले, लेकिन अधिकांश क्रय केंद्रों पर किसानों के बैठने, पानी आदि की व्यवस्था नहीं थी। धान क्रय केंद्र हांसा मतलूबपुर व पारा मिश्रौली पर बैनर लगा हुआ था। केंद्र प्रभारी भी मौजूद रहे, लेकिन दोनों केंद्रों पर किसानों के बैठने व पीने पानी आदि की व्यवस्था नदारद दिखी।
सभी क्रय केंद्रों पर धान खरीद की हमारी तैयारी पूरी है। बस धान आने का इंतजार है। इस बार 55 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। धान बेचने के लिए अब तक 4800 किसानों ने पंजीकरण कराया है। - अंशुमाली शंकर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।