बरदह। तेज बारिश और नहर में भरपूर पानी छोड़े जाने से क्षेत्र के भीरा, बरदह, अहिरौली, असवनीया, छतरपुर बकेश, खराट, कुंभ समेत आस-पास के गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं।
खासकर बरदह के मजूरा की सिवान में सैकड़ों बीघा धान की फसल डूब चुकी है।
किसान लालता सिंह, विवेक तिवारी, हेमंत तिवारी, अनिल गुप्ता, सुनील गुप्ता, राजेश विश्वकर्मा, जंग बहादुर यादव ने बताया कि पौधों की जड़ें सड़ने लगी हैं और फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं।
किसानों का कहना है कि यदि बारिश जारी रही और नहर का पानी नहीं रोका, तो इस सीजन की पूरी मेहनत बेकार हो जाएगी। नहर विभाग के एसडीओ रितेश कुमार सिंह ने बताया कि नहर का पानी बंद कर दिया जाएगा।
साथ ही जलनिकासी की व्यवस्था भी जल्द कराई जाएगी। स्थानीय किसान कुछ दिनों पहले नहर से पानी मांगने की गुहार लगा रहे थे।
आज नहर का पानी रोकने की फरियाद लगा रहे हैं। तेज बारिश और जलभराव ने धान की फसल पर संकट है।
आसमान से बरसते पानी ने किसानों की खुशियां छीन लीं। जो खेत कुछ दिन पहले पानी के लिए प्यासे थे, अब वो घुटनों तक पानी में डूबे हैं।
मेहनत से लहलहाई धान की फसल जलभराव में बर्बादी की ओर बढ़ रही है।