उप डाकघर देवगांव में डाक वितरण में भारी लापरवाही सामने आई है। मंगलवार को डाक निरीक्षक के औचक निरीक्षण में 1800 से अधिक डाक एक कमरे में छिपाकर रखी मिलीं। इस लापरवाही पर दो ग्रामीण डाक सेवकों को बुधवार को निलंबित कर दिया गया है।
डाक निरीक्षक, लालगंज ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। लोगों तक महत्वपूर्ण डाक काफी दिनों से नहीं पहुंचाने का मामला डाक निरीक्षक द्वारा देवगांव डाकघर के बगल में स्थित एक कमरे की जांच के दौरान उजागर हुआ।
उन्हें संदेह होने पर यह जांच की गई थी। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बरामद डाक में लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल थे। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य सरकारी पत्र थे।
बरामद 1800 से अधिक अवितरित डाक में पंजीकृत और साधारण डाक दोनों शामिल थीं। इनमें बड़ी संख्या में लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। सबसे गंभीर बात यह रही कि कई लोगों के नाम जारी किए गए लोक अदालत के नोटिस भी कमरे में पड़े थे। आयकर विभाग के नोटिस भी अवितरित डाक में शामिल थे।
00 वर्जन
1800 से अधिक अवितरित डाक एक दुकान के कमरे में छिपाकर रखी गई थी। यह डाक ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा छिपाई गई थी। दोनों डाक सेवकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस पूरे प्रकरण में उपडाकपाल की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इसकी जांच की जा रही है। - सीपी मौर्य, डाक निरीक्षक