आजमगढ़। मंडल में एक मुश्त समाधान योजना की रफ्तार काफी धीमी है। 31 दिसंबर को पहला चरण खत्म हो गया लेकिन 8.33 प्रतिशत उपभोक्ता ही लाभ उठाए। इनसे 71.68 करोड़ का राजस्व आया है। ओटीएस की सबसे खराब स्थिति आजमगढ़ की है।
आजमगढ़ जोन में कुल 1302375 लाख उपभोक्ता हैं। एक मुश्त समाधान योजना में पांच हजार के ऊपर के 949635 उपभोक्ताओं को चिह्नित किया गया है। इन उपभोक्ताओं पर 2713.28 करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया है। ओटीएस का पहला चरण 31 दिसंबर को खत्म हो चुका है लेकिन जोन की रफ्तार काफी धीमी है।
जिससे मंडल में 8.33 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही लाभ मिल सका। आजमगढ़ जोन के चारों सर्किल में पहले चरण में मात्र 79107 उपभोक्ता ही ओटीएस के तहत पंजीकरण कराए हैं। पंजीकरण के बाद विभाग को 71.68 करोड़ राजस्व मिला है। ओटीएस की सबसे खराब प्रगति आजमगढ़ के दोनों सर्किल की है। दोनों सर्किलों में 7.72 प्रतिशत उपभोक्ता ही लाभ उठा पाए। मऊ में 8.74 और बलिया में 9.08 प्रतिशत उपभोक्ता ओटीएस योजना का लाभ लिए हैं।
सर्किल- उपभोक्ता- कुल बकाया, पंजीकरण- जमा राशि
आजमगढ़ प्रथम- 244783- 477.12- 21561- 21.16
आजमगढ़ द्वितीय- 224432- 510.42- 14682- 12.19
मऊ - 255332- 1273.27- 23184- 23.15
बलिया- 225088- 452.47- 19680- 15.19
कुल योग- 949635- 2713.28- 79107- 71.68
नोट- बकाया और जमा राशि करोड़ में है
एक मुंश्त समाधान योजना का लाभ लेने के लिए गांवों, बाजारों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को ओटीएस का लाभ मिल रहा है और विभाग को भी अच्छा राजस्व आ रहा है। एक जनवरी से ओटीएस का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। बकायेदार उपभोक्ता उपकेंद्रों या फिर गांवों में लगने वाले कैंप में जाकर लाभ उठाएं। - इंजी. नरेश कुमार, मुख्य अभियंता वितरण।