उपेक्षा और रिश्वतखोरी का परिणाम है कि जिले में विज्ञान की पढ़ाई भगवान के भरोसे ही चल रही है। यहां मौजूद विद्यालयों में से मात्र 170 इंटरमीडिएट कालेजों में विज्ञान की प्रयोगशाला है। जहां के छात्र-छात्राएं विज्ञान का प्रयोग कर पाते हैं। शेष 230 विद्यायालयों के छात्रों का साल ऐसे ही कट जाता है। जिन्हे दूसरी सुविधा से पास भी कर दिया जाता है। पड़ताल करने पर पाया गया कि जिले में करीब 100 विद्यालय ऐसे भी हैं, जहां विज्ञान के शिक्षक ही नहीं हैं। ऐसे में जिले में होने वाली विज्ञान की पढ़ाई का आंकलन किया जा सकता है।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक करीब 400 इंटरमीडिएट कालेज हैं। इसमें राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त 120 कालेज हैं। शेष 280 प्राइवेट विद्यालय हैं। राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त कालेजों के अलावा 50 ऐसे भी प्राइवेट विद्यालय हैं। जिनके पास विज्ञान विषय का प्रैक्टीकल करने के लिए प्रयोगशाला हैं। शेष किसी भी कालेज के पास लैब नहीं है।
जिन विद्यालयों के पास लैब नहीं है, वहां के छात्र किसी न किसी राजकीय या अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों से संबद्ध हैं। इन कालेजों के छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन कालेज में होने की वजह से न तो सही ढंग से पढ़ाई हो पाती है, ना ही यह किसी विषय पर प्रयोग की कर पाते हैं।
रिश्वत लेकर इन विद्यालयों के छात्रों को प्रैक्टीकल की परीक्षा में पास कर दिया जाता है। शिक्षा के स्तर में गिरावट का आलम यह है कि कई प्राइवेट कालेज ऐसे भी चल रहे हैं। जिनके पास साइंस का शिक्षक ही नहीं है। ऐसे में इनकी योग्यता का आकलन किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो प्राइवेट विद्यालयों के प्रबंधक छात्रों से रुपया लेकर उन्हें पास की डिग्री दे देते हैं जो आगे चलकर छात्र-छात्राओं के लिए मुसिबत बन जाती है।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मना : विज्ञान दिवस के अवसर पर रविवार को शिब्ली नेशनल पीजी कालेज में भौतिक विज्ञान विभाग संकाय की तरफ से गोष्ठी हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य ग्यास असद ने किया। इस दौरान एमएससी फाइनल इयर के 24 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
इस दौरान प्राचार्य ग्यास असद ने कहा कि चंद्रशेखर वेंकटरमन देश के सुविख्यात भौतिक विद् थे। जिन्हें 28 फरवरी 1930 को भौतिक विज्ञान में नोवेल पुरस्कार प्राप्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष सैय्यद ताहिर हसन ने की। इस मौके पर चीफ प्राक्टर डाॅ. बाबार अशफाक, दर्शन शास्त्र के प्राध्यापक वीके सिंह, संयोजक भौतिक विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डाॅ. इमरान, डाॅ. फहमीदा जैदी, डाॅ. एसजेड अली, डाॅ. अलाउद्दीन, डाॅ. नफीस आदि रहे।