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जाली वसीयत के मामले पर पांच पर एफआईआर का आदेश

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आजमगढ़। जाली वसीयत बनाकर जमीन हड़पने के एक मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच लोगों के विरूद्घ एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश जारी किया है। बिलरियागंज थाना क्षेत्र के इमलीपुर गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था।
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बिलरियागंज थाना क्षेत्र के इमलीपुर गांव निवासी पीड़ित मोहम्मद अब्बास पुत्र सैयद काजिम हुसैन ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि मोहम्मद अब्बास के पिता काजिम हुसैन की मृत्यु 10 जून 2006 को हो गई थी। उनके मरने के बाद काजिम हुसैन की जमीन उनके लड़के पीड़ित मोहम्मद अब्बास व उसके भाइयों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गई। लेकिन मोहम्मद अब्बास के भांजे सैयद वजीह पुत्र सैयद अली निवासी इमलीपुर ने काजिम हुसैन की जाली वसीयत तैयार करके काजिम हुसैन की मृत्यु की तिथि 10 जून 2006 को बदल कर 28 अगस्त 2006 कर दिया। इस वसीयत के आधार पर सैयद वजीह ने उक्त जमीन भूमाफिया प्रशांत कुमार पुत्र सुभाष चंद गुप्ता निवासी पुराना चौक शाहगंज जिला जौनपुर, प्रवीण पाठक पुत्र रमाशंकर पाठक निवासी ग्राम मुंडा थाना सिधारी, संतोष श्रीवास्तव पुत्र विंध्याचल श्रीवास्तव निवासी सेहदा थाना कंधरापुर, निशांत गुप्ता पुत्र सुभाष चंद्र गुप्ता मोहल्ला कालीनगंज थाना कोतवाली के नाम मुवायदावय कर दिया। वादी मोहम्मद अब्बास का आरोप है कि यह काम सैय्यद वजीह ने पंचायत व सगड़ी तहसील के उप निबंधक कार्यालय के कर्मचारियों को साजिश में लेकर किया। पीड़ित मोहम्मदाबाद से इस संबंध में प्रार्थना पत्र स्थानीय थाने से लेकर आयुक्त कार्यालय तक दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई तो उसने न्यायालय की शरण ली। उक्त मामले के तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए सिविल जज अवर खंड हवेली व न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर तीन बलराम दास जायसवाल ने थाना प्रभारी बिलरियागंज को सैयद वहीद समेत पांच आरोपियों के विरुद्ध समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश जारी किया है।
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